दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय में नाबालिग छात्रा के साथ गैंग रेप, स्कूल पर लगा घटना को दबाने का आरोप, महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने जारी किया स्कूल और पुलिस को नोटिस

तारिक़ आज़मी

नई दिल्ली: देश की राजधानी एक बार फिर से शर्मसार है। इस बार सिर्फ ऐसा ही नही कि हैवानो की हैवानियत से ही शर्मसार हुई है। बल्कि शिक्षा के मंदिर में हुई इस हैवानियत को स्कूल प्रबंधन द्वारा दबाने की कोशिश पर भी दिल्ली शर्मसार है। आंदोलनों, प्रदर्शनों और बयानबाजी मगर सब कुछ धराशाही है और आज भी दिल्ली में महिला कितनी सुरक्षित है इसका ये बड़ा उदहारण है। दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय में 11 साल की मासूम छात्रा के साथ स्कूल के टॉयलेट में गैंग रेप की घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन इस घटना को छिपाने की अपनी कोशिश जारी रखे है।

कथित गैंगरेप पीड़ित छात्रा के अनुसार, जुलाई 2022 में गैंगरेप पीड़ित छात्रा जो केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई करती है अपनी कक्षा में जा रही थी। इसी दौरान उसी स्कूल के 11वीं और 12वीं में पढ़ने दो लड़कों उससे गाली देने लगे और उसे पकड़ कर जबरन टॉयलेट में ले गए। बालिका का आरोप लगाया है कि लड़कों ने टॉयलेट का दरवाजा बंद कर उसके साथ बलात्कार किया। बाद में जब उसने एक शिक्षक को इस बारे बताया तो उसे बताया गया कि लड़कों को स्कूल से निकाल दिया गया है और इस मामले को दबाने की कोशिश की गई।

नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप की घटना और विद्यालय प्रबंधन द्वारा मामले को दबाने के प्रयास की जानकारी दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल को होती है तो उन्होंने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस और स्कूल की प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने दिल्ली पुलिस से मामले में की गई एफआईआर की प्रति और गिरफ्तारी की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग ने दिल्ली पुलिस और स्कूल से कथित रूप से दिल्ली पुलिस को मामले की रिपोर्ट नहीं करने के लिए स्कूल के शिक्षक और किसी अन्य स्टाफ के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा है।

आयोग ने स्कूल के प्रधानाध्यापक से ये बताने को कहा कि स्कूल अधिकारियों को इस मामले के बारे में कब पता चला और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई। आयोग ने स्कूल से मामले में की गई जांच रिपोर्ट की एक प्रति प्रस्तुत करने को भी कहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “हमारे सामने दिल्ली के एक स्कूल के अंदर 11 साल की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार का एक बहुत ही गंभीर मामला मिला है। लड़की का आरोप है कि उसकी स्कूल टीचर ने मामले को दबाने की कोशिश की। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजधानी में स्कूल भी बच्चों के लिए असुरक्षित हैं। मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही इस मुद्दे पर स्कूल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।”

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