चितईपुर पुलिस ने पेश किया इंसानियत की मिसाल, सड़क पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की किया पुलिस ने मदद, चादर से घेर कर वही हुई डिलेवरी

शाहीन बनारसी

वाराणसी: पुलिस अक्सर आलोचनाओं का शिकार होती ही रहती है। उसके कार्यशैली को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहते है। मगर कई बार पुलिस ऐसे मानवीय कार्य भी कर जाती है जिसको जानकार बरबस मुख से तारीफ के शब्द ही निकल पड़ते है। ऐसा ही एक मामला चितईपुर थाना क्षेत्र के सुन्दरपुर पुलिस चौकी का सामने आया है जहा प्रसव पीड़ा से सड़क पर तड़प रही महिला का पुलिस के सहयोग चादर से घर कर चिकित्सको की उपस्थिति में प्रसव हुआ।

मामला कुछ इस प्रकार है कि कल बुधवार की देर रात सड़क किनारे प्रसव पीड़ा के दर्द से गर्भवती को तड़पते देख हेड कांस्टेबल अनिल सिंह और अमित मिश्रा ने तत्काल चौकी प्रभारी सुंदरपुर को सूचना देते हुए चादर लेकर सामने आ गए। चितईपुर की रहने वाली नेहा खान को उसके पति शमशेर खान ऑटो रिक्शा में लेकर अस्पताल जा रहे थे। तभी सुन्दरपयर चौकी पहुचते ही प्रसूता को बर्दाश्त से ज्यादा प्रसव पीड़ा होनी लगी। जिसके चलते प्रसूता ऑटो को रुकवा कर सड़क के किनारे लेटकर तड़पने लगी। चौकी पर मौजूद सिपाहियों की नज़र पड़ी तो मामला समझते ही चादर लेकर दौड़ पड़े।

 इधर रास्ते से गुजर रही एपेक्स हॉस्पिटल की नर्स सविता बिंद से मदद मांगी। तब तक चौकी प्रभारी ईश्वर दयाल दुबे भी पहुंच गए और पास के नर्सिंग होम से एक नर्स को बुलाया। सिपाहियों ने चारों तरफ से चादर लगाई और महिला नर्स के प्रयास से कुछ ही समय में बच्चे की किलकारी निकली जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। महिला की हालत देख चालक ऑटो सहित फरार हो गया लेकिन इसी बीच चौकी प्रभारी ने 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस बुला लिया। प्रसव के तत्काल बाद एंबुलेंस से महिला को काशी विद्यापीठ ब्लॉक के स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जहां उनका समुचित इलाज हुआ। जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है। पुलिस के इस मानवीय चहरे की शहर में खूब चर्चा है और लोग तारीफों के पुल उन सिपाहियों के बांध रहे है जिन्होंने इतनी सूझ बुझ दखाई।

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