इंडो-नेपाल बार्डर पर बसेगी गौरीफंटा मंडी

फारुख हुसैन

लखीमपुर(खीरी): वर्षों पूर्व न्यायालय के आदेश की आड़ में वन विभाग द्वारा उजाड़ी गई लखीमपुर खीरी जिले के इंडो-नेपाल सीमा पर मौजूद गौरीफंटा मंडी एक बार फिर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के प्रयास से पुनर्स्थापित होने की जानकारी मिलने पर व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है।

जानकारी के अनुसार जिले के इंडो-नेपाल सीमा के कोतवाली गौरीफंटा क्षेत्र में काफी वर्ष पूर्व से स्थापित मंडी  को न्यायालय के आदेश की आड़ में वन विभाग ने बाजार की कुछ दुकानों को सन् 2012 में तथा शेष बची दुकानों को सन् 2017 में द्वारा उक्त जमीन पर अपना अधिकार बताते हुए जबरन हटा दिया था जिसके कारण स्थानीय निवासियों के लिए जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है।

लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे व्यापारियों ने क्षेत्रिय सांसद व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र ने उच्चस्तर पर पैरवी करते हुए प्रशासन को अवगत करवाया। इसके अलावा स्थानीय निवासियों द्वारा सूचना के अधिकार के नियम 15 के तहत मांगी गई।

सूचना में सम्बंधित विभाग के द्वारा बताया गया है कि उक्त जमीन रेलवे के अधीन है और स्थानीय निवासियों/प्रार्थीगणों ने उक्त जमीन पर पुनः बाजार की स्थापना कराए जाने के अनुरोध पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को मिलकर पत्र दिया था जिसके बाद रेल मंत्री ने तुरन्त संज्ञान लेते हुए डी0आर0एम0 को निरीक्षण करने के लिए भेजा। जिस पर डी0आर0एम0 ने जगह की पैमाइश कराई। वहीं सांसद प्रतिनिधि दीपक तलवार ने जानकारी देते हुए बताया की जल्द ही अब रेलवे की उस जगह पर व्यवसायिक रूप से इसका उपयोग आमजन के लिये किया जायेगा।

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