बौद्ध भिक्षुओ से यौन सम्बन्ध बनाते हुवे वीडियो बना कर महज़ तीन सालो में कमाया था युवती ने 100 करोड़

तारिक खान
डेस्क: थाईलैंड में एक बड़ा सेक्स और ब्लैकमेल स्कैंडल सामने आया है। इसकी चपेट में बौद्ध भिक्षु आए हैं। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है जिसके मोबाइल में सैकड़ो ऐसी वीडियो मिली है। यह महिला बौद्ध भिक्षुओं को हनीट्रैप कर ब्लैकमेल करती थी। महिला पर कम से कम 9 भिक्षुओं के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। महिला ने यौन संबंधों की तस्वीरें और वीडियो का हवाला देकर भिक्षुओं को ब्लैकमेल किया। पुलिस का कहना है कि महिला ने भिक्षुओं से करीब 12 मिलियन डॉलर (103 करोड़ रुपये) वसूले।

दी गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान पुलिस को कई मोबाइल फोन बरामद हुए। इनमें कथित तौर पर लापता भिक्षु और कई अन्य वरिष्ठ बौद्ध व्यक्तियों की हजारों आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो थे। पुलिस ने जब महिला के वित्तीय लेन-देन की जांच की तो पता चला कि इनका मंदिरों से संबंध था। थाई पुलिस की सेंट्रेल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के जारूनकियात पंकेव ने 15 जुलाई को प्रेसवार्ता में को बताया कि ‘हमने महिला के बैंक अकाउंट्स की जांच की और पाया कि इसमें कई ट्रांजैक्शन मंदिरों से जुड़े थे।’ जांच अधिकारी ने एक मैसेजिंग ऐप का हवाला देते हुए कहा, ‘उसका मोबाइल जब्त करने के बाद, हमने जांच की और पाया कि इसमें कई भिक्षु शामिल हैं, और कई वीडियो क्लिप और चैट भी हैं।’ पुलिस ने बताया कि पिछले तीन सालों में विलावन के बैंक खातों में लगभग 11.9 मिलियन डॉलर (103 करोड़ रुपये) ट्रांसफर किए गए हैं। एक इंटरव्यू में महिला ने बताया कि उसने एक अन्य भिक्षु को भी पैसे दिए थे जिसे वो डेट कर रही थी।
बता दें कि थाईलैंड में बौद्ध भिक्षु बहुत सम्मानित होते हैं। उन्हें बुद्ध का आध्यात्मिक वारिस माना जाता है। उन्हें कई सख्त नियमों का पालन करना होता है। इनमें महिलाओं को छूने या हस्तमैथुन करने की मनाही है। थाईलैंड में भिक्षुओं को हर महीने खाने का भत्ता दिया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी रैंक के हिसाब से ये 6 हजार रुपये से 90 हजार रुपये के बीच होता है। इसके अलावा मंदिरों और भिक्षुओं को डोनेशन भी मिलता है। उधर, थाईलैंड में बौद्ध धर्म के राष्ट्रीय कार्यालय ने कहा है कि भिक्षुओं की जांच की जाएगी, चाहे वो कितने भी वरिष्ठ क्यों न हों। कार्यालय ने एक ड्राफ्ट कानून को पर भी विचार करने का सुझाव दिया है, जिसमें बौद्ध धर्म की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए आपराधिक दंड का प्रावधान है।
यह घटना दर्शाती है कि समाज में कुछ लोग किस तरह से धार्मिक पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं। इस मामले में गहन जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। यह समाज के लिए भी एक सबक है कि हमें ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए और धार्मिक आवरण में हो रहे किसी भी अनैतिक कार्य पर सवाल उठाना चाहिए। PNN24 इस मामले से जुड़ी और जानकारी पर नजर रख रहा है और जैसे ही कोई नया अपडेट आता है, हम आपको सूचित करेंगे।










