संयुक्त राष्ट्र: ग़ज़ा में हालात अकाल से भी बदतर

शफी उस्मानी
डेस्क: ग़ज़ा में भुखमरी और कुपोषण से हालात बदतर, यूएन विशेषज्ञों की चेतावनी। संयुक्त राष्ट्र समर्थित वैश्विक खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा में हालात “अकाल” से भी खराब होते जा रहे हैं।
इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (IPC) की रिपोर्ट के अनुसार, ग़ज़ा में भुखमरी, कुपोषण और बीमारियों के चलते भूख से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आईपीसी का कहना है कि नए आंकड़े ग़ज़ा के अधिकतर हिस्सों में अकाल जैसी स्थिति और गंभीर कुपोषण का संकेत दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने आगाह किया कि अगर तुरंत मानवीय सहायता नहीं पहुँचाई गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
आईपीसी ने शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और ग़ज़ा में निर्बाध रूप से बड़े पैमाने पर राहत पहुँचाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के मुताबिक, सिर्फ जुलाई महीने में कुपोषण से कम से कम 63 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।










