मिशन शक्ति 5.0 : जहां हक की बात बनी प्रेरणा : डीएम ने महिलाओं को दिया आत्मविश्वास और सशक्त होने का संदेश

डीएम ने आयोग सदस्य संग बांटी 101 मिशन शक्ति स्पेशल सीएसआर किट, खिले चेहरे

फारूख हुसैन

लखीमपुर खीरी 25 सितंबर। “हक की बात, जिलाधिकारी के साथ।” मिशन शक्ति 5.0 के तहत गुरुवार को वन स्टाफ सेंटर में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके हक अधिकारों की चर्चा का भव्य मंच सजा। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, राज्य महिला आयोग सदस्य सुजाता कुमारी, सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने महिलाओं को उनके हक़ और आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई। टूटते रिश्तों को जोड़ने की प्रेरक दास्तानें सुनाई और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन डीपीओ लवकुश भार्गव ने किया।

कार्यक्रम में घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं, निराश्रित महिलाओं, सुलह समझौते के बाद सुखचैन से रहने वाले परिवार की महिलाओं और वन स्टाफ सेंटर की संवासिनियों को “मिशन शक्ति स्पेशल सीएसआर किट” वितरित की गई। इस दौरान डीएम ने स्वयं महिलाओं से संवाद भी किया।

महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन प्रतिबद्ध : डीएम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने मिशन शक्ति 5.0 की अहमियत पर जोर दिया। कहा कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्पॉन्सरशिप योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिये निराश्रित बच्चों को शिक्षा व सहारा उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मातृत्व वंदना योजना के तहत बालिकाओं के जन्म पर पोषण के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाता है, जबकि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत कन्याओं को 6 चरणों में ₹25 हजार की मदद प्रदान की जा रही है।

उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि स्वयं, परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए इन योजनाओं का लाभ जरूर उठाएं और अपने हक–अधिकारों के लिए हमेशा सजग रहें।डीएम ने भरोसा दिलाया कि शासन प्रशासन और सरकार कानूनी मदद के साथ-साथ परिवारों को जोड़ने और न्याय की लड़ाई में हर महिला के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अन्याय के विरुद्ध आवश्यक आवाज उठाएं, बालिकाएं पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और देश की सेवा करें यही असली सशक्तिकरण है।

केंद्र-प्रदेश की योजनाएं दे रहीं नारी को नई ताक़त : सुजाता कुमारी

राज्य महिला आयोग सदस्य सुजाता कुमारी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 महिला सशक्तिकरण का बड़ा अभियान है। केंद्र व प्रदेश की मातृत्व वंदना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला, वन स्टॉप सेंटर, कन्या सुमंगला, स्पॉन्सरशिप व बाल सेवा योजनाएं महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और आत्मनिर्भरता दे रही हैं। महिलाओं से आह्वान किया कि अपने हक और कानूनी अधिकार जानें, योजनाओं का लाभ उठाएं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।

सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा, “नारी सशक्त होगी तो परिवार, समाज और देश मजबूत होगा। सरकार हर बेटी और महिला को उसके हक और अधिकार दिलाने के लिए कटिबद्ध है। योजनाओं का लाभ उठाइए और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाइए। यही असली मिशन शक्ति है। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने महिलाओं को अपने हक और कानूनी अधिकारों की पूरी जानकारी रखने की आवश्यकता बताई और कहा कि जिला प्रशासन लगातार जागरूकता फैला रहा है। कार्यक्रम में थानाध्यक्ष महिला थाना शिल्पी शुक्ला, काउंसलर कुसुम गुप्ता, नीति गुप्ता और अधिवक्ता अंजना पांडे ने भी उपस्थित महिलाओं को कानूनी जानकारी दी।

प्रशासन की सुलह ने जोड़ दी रोशनी लालू की टूटी डोर, रोशनी ने खुद सुनाई पूरी दास्तान

कुछ दिन पूर्व कपड़े प्रेस करने को लेकर हुए मामूली झगड़े ने रोशनी और लालू के रिश्ते को संकट में डाल दिया था। दोनों अलग हो गए थे, लेकिन प्रशासन की सुलह पहल ने उनके रिश्ते को फिर से जोड़ दिया। “हक की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम के दौरान डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और राज्य महिला आयोग की सदस्य के समक्ष रोशनी ने पूरी दास्तान सुनाई। रोशनी ने कहा कि आज हम हंसी-खुशी साथ हैं। सभी से यही कहना चाहती हूं कि पत्नी के साथ कभी दुर्व्यवहार या झगड़ा न करें। हमेशा प्यार और समझदारी से रहिए।

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