‘हिमंत बिस्वा सरमा ख़ुद को समझते हैं डॉन…!’ NSA रद्द होने के बाद AIUDF विधायक अमीनुल इस्लाम का बड़ा हमला

ईदुल अमीन

PNN24 न्यूज़ डेस्क: नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत लगभग सात महीने तक हिरासत में रहने के बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम को गौहाटी हाई कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया है। रिहा होते ही विधायक इस्लाम ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है और इसे बदले की राजनीति करार दिया है।

‘सीएम ख़ुद को समझते हैं राजा और डॉन’

विधायक अमीनुल इस्लाम ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया।

  • सत्ता का दुरुपयोग: इस्लाम ने कहा, “यह मौजूदा बीजेपी सरकार की ज़्यादती है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ख़ुद को एक राजा समझते हैं। राज्य के एक डॉन की तरह वो जो चाहें, जब चाहें, जैसे चाहें, वैसा कर सकते हैं।”
  • बिना कारण गिरफ्तारी: उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी सही वजह के, उन्हें 14 मई को NSA के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनका कहना है कि यह गिरफ्तारी पहलगाम हमले पर उनके बयान को लेकर पहले दर्ज किए गए केस के बाद हुई, जिसमें उन्हें ज़मानत मिल चुकी थी।

कोर्ट ने दिया न्याय, सरकार पर साधा निशाना

इस्लाम ने बताया कि उन्हें पहलगाम हमले पर दिए गए बयान को लेकर पहले नगांव सदर थाने में दर्ज एक केस में पकड़ा गया था।

  • ज़मानत के बाद NSA: उन्होंने कहा, “मेरे बयान की जांच के बाद, नगांव कोर्ट ने 15 दिनों के अंदर मुझे ज़मानत दे दी। लेकिन उसी दिन, राज्य सरकार ने मुझे रिहा करने से मना कर दिया और आदेश जारी किया कि मुझे एनएसए के तहत हिरासत में रखा जाए।”
  • ‘सामाजिक सौहार्द’ का बहाना: सरकार ने तब तर्क दिया था कि अगर वह बाहर आए, तो ‘सामाजिक सौहार्द’ बिगड़ जाएगा।
  • बदले की कार्रवाई: इस्लाम ने दावा किया कि यह सब सिर्फ़ सरकार की बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि उन्होंने पिछले बजट सत्र में सरकार की कड़ी आलोचना की थी।

हाईकोर्ट का आभार

अमीनुल इस्लाम ने गौहाटी हाई कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने उन्हें न्याय दिया।

  • डिटेंशन ऑर्डर रद्द: उन्होंने बताया, “मैं गौहाटी हाई कोर्ट का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे न्याय दिया। परसों कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि मेरा डिटेंशन ऑर्डर ग़लत था, मुझे बिना किसी सही वजह के हिरासत में रखा गया था, और कोर्ट ने सरकार को तुरंत मुझे रिहा करने का आदेश दिया।”

गौरतलब है कि विधायक इस्लाम ने पहलगाम हमले के बाद बयान देते हुए कहा था कि यह हमला सरकार की साज़िश है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट के फैसले ने जहां एक तरफ विधायक को राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ असम सरकार की कानूनी और नैतिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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