8 छक्के लगातार..! आकाश चौधरी ने मचाया गदर, 6 छक्कों के बाद भी नहीं रुके और बना दिया सबसे तेज़ फिफ्टी का रिकॉर्ड…!

शफी उस्मानी
सूरत (गुजरात): क्रिकेट इतिहास में अक्सर कुछ ऐसी पारियां देखने को मिलती हैं, जो रिकॉर्ड्स की किताबों को हमेशा के लिए बदल देती हैं। रविवार को रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने कुछ ऐसा ही किया। उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने न केवल उनकी टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के दो सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवा दिया।
11 गेंदों में ‘पचासा’ – टूट गया वर्ल्ड रिकॉर्ड
आकाश कुमार की आक्रामक बल्लेबाजी यहीं नहीं रुकी। उन्होंने महज 11 गेंदों में अर्धशतक (50 रन) पूरा करते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के वेन नाइट (12 गेंदों पर फिफ्टी, 2012) के नाम था। आकाश ने अपनी इस तूफानी पारी में एक भी चौका नहीं लगाया, उनके 50 रन सिर्फ छक्कों से बने, जिससे उनकी स्ट्राइक रेट 357.14 से भी ऊपर पहुंच गई!
| रिकॉर्ड | पुराना रिकॉर्ड (गेंदें) | रिकॉर्डधारी | नया रिकॉर्ड (गेंदें) | रिकॉर्डधारी |
| सबसे तेज फर्स्ट क्लास फिफ्टी | 12 | वेन नाइट (2012) | 11 | आकाश कुमार चौधरी (2025) |
लगातार 8 छक्के और एक ओवर में ‘सिक्सर किंग’
आकाश चौधरी के नाम एक और हैरान कर देने वाला रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज लिमार दाबी के एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़े!
इस उपलब्धि के साथ, आकाश चौधरी महान खिलाड़ियों की उस सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के जड़े हैं:
- सर गैरी सोबर्स (1968)
- रवि शास्त्री (1985)
- आकाश कुमार चौधरी (2025)
इससे भी बड़ा रिकॉर्ड यह है कि उन्होंने लगातार आठ गेंदों पर आठ छक्के जड़े, जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था।
भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा
मेघालय के लिए खेलते हुए आकाश चौधरी ने यह कारनामा रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ किया। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए इस 25 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने अपनी 14 गेंदों की नाबाद 50 रनों की पारी में आठ छक्के जड़े, जिसकी बदौलत मेघालय ने अपनी पहली पारी 628/6 के विशाल स्कोर पर घोषित की।
आकाश कुमार चौधरी ने न केवल अपनी टीम को मजबूती दी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराकर पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यह धमाकेदार पारी बताती है कि भारत की घरेलू क्रिकेट में युवा टैलेंट की कोई कमी नहीं है।











