‘सरकार ख़ुद ही संसद को पटरी से उतारना चाहती है!’ सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

निलोफर बानो
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। संसद का बहुप्रतीक्षित शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, रविवार को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) का आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य सत्र को सुचारु रूप से चलाना था, लेकिन बैठक खत्म होते ही कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सत्र की छोटी अवधि और लोकतंत्र के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
‘सबसे छोटा सत्र, संसदीय मर्यादा को दफ़न कर रही सरकार’
असम के जोरहाट से लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए शीतकालीन सत्र की अवधि पर असंतोष व्यक्त किया।
- अवधि पर सवाल: गौरव गोगोई ने कहा, “शीतकालीन सत्र सिर्फ़ 19 दिनों का है, जिनमें से केवल 15 दिनों में ही चर्चा संभव है। यह संभवतः अब तक का सबसे छोटा शीतकालीन सत्र होगा।”
- सरकार की मंशा पर शक: उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “इसलिए ऐसा लगता है कि सरकार ख़ुद ही संसद को पटरी से उतरना चाहती है। ऐसा लगता है कि सरकार पूरे संसदीय मर्यादा को दफ़न कर रही है और भारतीय लोकतंत्र की इस परंपरा की क़ब्र खोद रही है।”
कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा और स्वास्थ्य के अहम मुद्दे
गौरव गोगोई ने बताया कि कांग्रेस ने इस बैठक में कई राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे उठाए, जिन पर संसद में विस्तृत चर्चा की ज़रूरत है।
- सुरक्षा और कानून व्यवस्था: उन्होंने दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट का मुद्दा उठाया और कहा, “दिल्ली में हुआ ब्लास्ट किसी न किसी रूप में हमारी क़ानूनी और गृह विभाग की नाकामियों का सबूत है।” उन्होंने सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
- लोकतंत्र की सुरक्षा: कांग्रेस ने लोकतंत्र की सुरक्षा, मतदाता सूची की सुरक्षा और चुनाव सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा को ज़रूरी बताया।
- पर्यावरण और स्वास्थ्य: बैठक में प्रदूषण और स्वास्थ्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा आर्थिक सुरक्षा और प्राकृतिक सुरक्षा (पर्यावरण) के मुद्दे को भी सत्र के दौरान सामने रखने पर सहमति बनी।
- विदेश नीति: कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की विदेश नीति को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।
विपक्ष एकजुट: सोमवार को फिर होगी बैठक
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जोर देकर कहा कि इन सभी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर सभी विपक्षी दल एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी पार्टियों की कांग्रेस अध्यक्ष के साथ एक और बैठक होगी। संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होना है। सरकार ने यह बैठक दोनों सदनों का संचालन सुचारु रूप से करने के लिए बुलाई थी, लेकिन कांग्रेस के इन आरोपों के बाद, सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना बढ़ गई है।










