दालमंडी चौडीकरण: भवन स्वामियों और दुकानदारों संग किया प्रशासन ने बैठक, प्रशासन विस्थापना हेतु प्रदत्त दोनों विकल्पों लोहता अथवा मोहनसराय को दुकानदारो ने किया मना
निलोफर बानो
वाराणसी: दालमंडी चौडीकरण को लेकर चल रही प्रशासनिक कवायद के बीच आज प्रशासन ने विस्थापना हेतु व्यापारियों के संग बैठक किया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी वाराणसी के द्वारा किया गया। इस बैठक में दर्जनों दुकानदार और भूस्वामी पहुचे थे। दुकानदारो के दर्द को उनके चेहरे से अहसास किया जा सकता था। आँखों में रोज़गार जाने की नमी और दिल में कसक लिए दुकानदारो ने जिलाधिकारी संग बैठक में प्रस्तावित दोनों विकल्पों को सिरे से खारिज कर दिया।

बताते चले कि विस्थापना की मांग कर रहे दुकानदारो हेतु प्रशासन ने प्रस्तावित जगह लोहता और मोहनसराय का विकल्प दिया था। इन दोनों विकल्पों को दुकानदारो ने सिरे से खारिज करते हुवे कहा कि शहर से दूर जाकर शहर का कारोबार दुबारा नहीं बसाया जा सकता है। इस दरमियान एड नजमी सुल्तान ने साफ़ साफ़ शब्दों में जिलाधिकारी से कहा कि दोनों ही विकल्प ऊंट के मुह में जीरा जैसा है। ऐसे विकल्पों पर हम विचार भी नहीं कर सकते है। हमको विस्थापना में जगह वाराणसी में ही दिया जाए।
एड कायनात वारसी जो एक दुकानदार भी है, ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कारोबार को शहरी सीमा से बाहर ले जाकर दुबारा नही बसाया जा सकता है। एक तो एक जगह से कारोबार उजाड़ कर दुसरे जगह जमाने में समय लगता है, उसके ऊपर शहरी सीमा के बाहर जाकर बसाना तो तो असंभव जैसा है। ऐसे में हमको विस्थापित करने के लिए शहरी सीमा के आसपास ही जगह उपलब्ध करवाया जाए।
दूकानदार मोहम्मद फैसल ने साफ़ साफ़ शब्दों में कहा कि हमको जो स्थान दिया जाए वह बेनिया बाग़ को पालिका बाज़ार के तर्ज पर विकसित करके दिया जाए। जिससे हमारा कारोबार जल्द से जल्द बस जाए। इस बात का समर्थन करते हुवे एड नजमी सुल्तान ने कहा कि पालिका बाज़ार के तर्ज पर बेनिया बाग़ को विकसित करने से विस्थापना के दर्द को कम किया जा सकता है और यह एक उचित सलाह है जिसके ऊपर सभी दुकानदार तैयार हो जायेगे।
व्यापारियों ने साफ़ साफ़ दोनों जगहों पर जाने से किया मना कर दिया और कहा कि दालमंडी से 12 किलोमीटर लोहता है और मोहन सराय भी। ऐसे में दालमंडी के आस पास ही विस्थापित किया जाए। साथ ही दुकानदारी ने साफ़ साफ़ कहा कि विस्थापित करने के बाद ही हो ध्वस्तीकरण किया जाए। बताते चले कि अन्य मार्गो की अपेक्षा दालमंडी गली को 17.4 मीटर चौड़ी करने का प्रस्ताव है जिसकी चतुर्दिक निंदा हो रही है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी मार्किट आज संकट के दौर से गुज़र रही है।










