दो साल से ‘दहेज हत्या’ का केस झेल रहे थे पति-सास-ससुर, ‘मरी हुई’ बहू रूचि निकली अपने आशिक के साथ ग्वालियर में मौज करती…!

शहनवाज़ अहमद

गाजीपुर: “मेरी बेटी को दहेज के लिए मार डाला!” – यह आरोप था रूचि यादव (बदला हुआ नाम) के मायके वालों का। इस एक शिकायत ने पति, सास और ससुर सहित पूरे ससुराल वालों की जिंदगी नर्क बना दी थी। दो साल से ये लोग पुलिस और कोर्ट के चक्कर काट रहे थे, अपने ऊपर लगे दहेज हत्या के संगीन इल्जाम को झेल रहे थे। लेकिन अब जो खुलासा हुआ है, वह पूरे इलाके को सकते में डाल गया है।

दो साल की यंत्रणा, झूठा मुकदमा

साल 2023 में गाजीपुर के एक परिवार पर रूचि यादव के मायके वालों ने दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि ससुराल वालों ने रूचि को मारकर उसके शव को गायब कर दिया। मामला इतना गंभीर था कि पुलिस ने पति राजेंद्र यादव और उसके परिवार पर दहेज हत्या (IPC की धारा 304B) जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

परिवार दहशत में था। राजेंद्र के माता-पिता, जिनका बुढ़ापा कोर्ट-कचहरी में कट रहा था, लगातार खुद को बेकसूर साबित करने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस की जांच और चौंकाने वाला सच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच शुरू की। जब पुलिस ने तकनीकी पहलुओं से रूचि की लोकेशन ट्रेस की, तो हड़कंप मच गया। जिस रूचि को मरा हुआ बताकर उसके ससुराल वालों को गुनहगार ठहराया जा रहा था, वह असल में जिंदा निकली! पुलिस टीम तत्काल मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंची और वहां से रूचि को उसके आशिक गजेंद्र यादव के साथ बरामद कर लिया।

आशिक के साथ कर रही थी ‘मौज’

रूचि ने पुलिस के सामने जो बयान दिया, उसने सबको चौंका दिया। रूचि ने बताया कि उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। वह स्कूल के दिनों से ही अपने प्रेमी गजेंद्र यादव से प्यार करती थी। शादी के कुछ समय बाद ही वह अपने पति और ससुराल को छोड़कर ग्वालियर चली गई, जहाँ उसने गजेंद्र से दूसरी शादी कर ली और पत्नी बनकर उसके साथ रह रही थी।

रूचि का बयान: “मैंने अपने माता-पिता के दबाव में आकर ससुराल वालों पर झूठा केस दर्ज कराया था। मैं गजेंद्र से प्यार करती थी और उसके साथ रहना चाहती थी। मेरी हत्या नहीं हुई है, मैं खुद अपनी मर्जी से आई थी।”

न्याय की मांग और कानूनी कार्रवाई

यह खुलासा न केवल राजेंद्र के परिवार के लिए राहत लेकर आया, बल्कि कानून की एक बड़ी खामी को भी उजागर करता है।

  • ससुराल वालों की मांग: राजेंद्र की मां कमली देवी ने कहा, “हमने कभी उसे कुछ नहीं कहा। वह अपनी मर्जी से गई थी। हमें अब इंसाफ चाहिए और झूठ बोलकर हमें फंसाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
  • पुलिस का एक्शन: CO रामकृष्ण तिवारी ने साफ कर दिया कि जांच में महिला जिंदा मिली है और दहेज हत्या का केस पूरी तरह झूठा साबित हुआ है। अब पुलिस झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

रूचि ने अपने प्रेम के लिए एक पूरे परिवार को जो यंत्रणा दी, वह आज समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या दहेज उत्पीड़न कानूनों का बेजा इस्तेमाल नहीं हो रहा है?

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