टीचर से पॉलिटिशियन बनीं, वर्जीनिया में रचा इतिहास….! पढ़ें कौन हैं भारतीय मूल की अमेरिकी राजनीतिज्ञ ग़ज़ाला हाशमी जो बनी पहली मुस्लिम लेफ़्टिनेंट गवर्नर

तारिक आज़मी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: अमेरिका की राजनीति में इस बार केवल न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ही नहीं, बल्कि वर्जीनिया से ग़ज़ाला हाशमी ने भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भारतीय मूल की ग़ज़ाला हाशमी ने वर्जीनिया के लेफ़्टिनेंट गवर्नर (Lieutenant Governor) का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद पर पहुँचने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला हैं, जिन्होंने वर्जीनिया जैसे महत्वपूर्ण राज्य में इतना बड़ा पद हासिल किया है।

हैदराबाद से वर्जीनिया तक का सफर

ग़ज़ाला हाशमी की कहानी केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि एक प्रवासी परिवार के दृढ़ संकल्प की कहानी है:

  • हैदराबाद में जन्म: ग़ज़ाला फ़िरदौस हाशमी का जन्म 1964 में भारत के हैदराबाद में हुआ था। उनके पिता, प्रोफेसर जिया हाशमी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रहे हैं।
  • चार साल की उम्र में अमेरिका: जब वह महज़ चार साल की थीं, तब अपने भाई और माँ के साथ भारत से अमेरिका चली गईं। उनके पिता उस समय जॉर्जिया में अपनी पीएचडी पूरी कर रहे थे।
  • टीचर की ज़िंदगी: राजनीति में आने से पहले, ग़ज़ाला हाशमी ने लगभग 30 वर्षों तक एक प्रोफेसर और शिक्षक के रूप में काम किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड और रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में पढ़ाया। एक शिक्षक के रूप में, उन्होंने शिक्षा के महत्व को करीब से समझा और यही अनुभव उनकी राजनीति का आधार बना।

‘नफरत’ ने किया प्रेरित

एक प्रोफेसर के रूप में शांत जीवन जी रहीं ग़ज़ाला के लिए राजनीति में आने का फैसला एक अचानक और भावनात्मक मोड़ था।

  • ट्रंप का ‘ट्रैवल बैन’: साल 2017 में, तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब कई मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर अमेरिका आने के लिए ‘ट्रैवल बैन’ लगाया, तो इस फैसले ने ग़ज़ाला को अंदर तक झकझोर दिया। उन्हें लगा कि देश की दिशा बदल रही है और इसे रोकने के लिए उन्हें सार्वजनिक सेवा में आना होगा।
  • पहला इतिहास (2019): इसी प्रेरणा से उन्होंने 2019 में वर्जीनिया स्टेट सीनेट का चुनाव लड़ा और एक रिपब्लिकन-गढ़ वाली सीट पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। वह वर्जीनिया सीनेट की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला बनीं।

उनके मुख्य चुनावी मुद्दे

लेफ़्टिनेंट गवर्नर के रूप में, ग़ज़ाला हाशमी का फोकस उन मुद्दों पर है जो सीधे आम और कामकाजी परिवारों को प्रभावित करते हैं:

  1. शिक्षा और स्वास्थ्य: वह सार्वजनिक शिक्षा को बेहतर बनाने और सभी के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने पर ज़ोर देती हैं।
  2. प्रजनन अधिकार (Reproductive Rights): उन्होंने गर्भपात और गर्भनिरोधक तक पहुँच की वकालत करते हुए प्रजनन स्वतंत्रता (Reproductive Freedom) को अपनी मुख्य प्राथमिकता बताया है।
  3. बंदूक नियंत्रण (Gun Control): अमेरिका में बंदूक हिंसा के खिलाफ बोलते हुए, उन्होंने असाल्ट राइफलों पर प्रतिबंध लगाने और सख्त बंदूक कानूनों की मांग की है।

ग़ज़ाला हाशमी की जीत सिर्फ एक राजनीतिक पद पर एक और नाम नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि शिक्षित, ज़मीनी और समावेशी राजनीति अब अमेरिका के जटिल राजनीतिक परिदृश्य में अपनी जगह बना रही है। उनकी सफलता उन सभी प्रवासी महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो अपनी मेहनत और मूल्यों से दुनिया में बदलाव लाना चाहती हैं।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *