‘अपनी विफलता छिपा रहे हैं राहुल’: हरियाणा में ‘वोट चोरी’ के आरोप पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का करारा पलटवार

निशा रोहतवी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: राहुल गांधी द्वारा हरियाणा विधानसभा चुनाव में ‘वोट चोरी’ और 25 लाख फर्जी वोटों के लगाए गए सनसनीखेज आरोपों पर अब केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी के प्रेजेंटेशन को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस नेता की अपनी राजनीतिक विफलता को छिपाने की एक हताश कोशिश करार दिया है।

“हारे तो EVM, जीते तो लोकतंत्र”

किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का यह पुराना ढर्रा है कि जब वे चुनाव हारते हैं, तो चुनाव आयोग, EVM और वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हैं।

रिजिजू का सीधा आरोप: “राहुल गांधी अपनी हार की जिम्मेदारी कभी नहीं लेते। हरियाणा में कांग्रेस की हार हुई, तो अब उन्हें ब्राजीलियन मॉडल और 22 वोटों की चोरी याद आ रही है। अगर उन्हें चुनाव जीतना होता है, तब उन्हें लोकतंत्र पर पूरा भरोसा होता है। यह दोहरा मापदंड क्यों?”

असली मुद्दा क्या?

रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्यों जनता लगातार उन्हें खारिज कर रही है। उनके अनुसार, वोट चोरी का आरोप लगाना केवल जनता का ध्यान भटकाने और पार्टी के अंदर नेतृत्व की विफलता को छिपाने का एक तरीका है।

‘अधूरे और भ्रामक’ दस्तावेज़ का प्रदर्शन

राहुल गांधी ने ‘H-फ़ाइलें’ नामक एक प्रेजेंटेशन में एक महिला की तस्वीर दिखाकर दावा किया था कि उसने हरियाणा के 10 बूथों पर 22 बार वोट डाला। इस पर पलटवार करते हुए, किरेन रिजिजू ने कहा कि इस तरह के अधूरे, बिना सत्यापन वाले और भ्रामक दस्तावेज़ को सार्वजनिक करना गैर-जिम्मेदाराना है।

  • चुनाव आयोग पर भरोसा: केंद्रीय मंत्री ने भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिसे राजनीतिक आरोप लगाकर बदनाम करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के पास कोई पुख्ता सबूत है, तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय चुनाव आयोग या न्यायपालिका के पास जाना चाहिए।

लोकतंत्र का सम्मान करें

रिजिजू ने राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए और हार को विनम्रता से स्वीकार करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के निराधार आरोप लगाने से देश की चुनाव प्रक्रिया और संस्थानों पर जनता का विश्वास कमजोर होता है।

PNN24 News दोनों पक्षों के आरोपों को आपके सामने ला रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग और अन्य संस्थान इस गंभीर मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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