नीतीश की शपथ पर कांग्रेस का तंज: “उम्मीद है, उनके साथ धोखा नहीं होगा”

शफी उस्मानी/ अनिल कुमार
पटना: बिहार की राजनीति में ‘पलटू कुमार’ के नाम से मशहूर नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। NDA गठबंधन की प्रचंड जीत के बाद, गांधी मैदान में हुए भव्य समारोह में उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार राज्य के मुखिया के तौर पर शपथ ली। लेकिन, इस जश्न के माहौल में भी विपक्ष की ओर से चुभने वाले तंज कसे गए हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेडा ने नीतीश कुमार को बधाई तो दी, लेकिन साथ ही एक ऐसा बयान भी दिया जो सियासी गलियारों में खूब चर्चा बटोर रहा है।
कांग्रेस ने दिया ‘धोखे’ का इशारा
शपथ ग्रहण के बाद, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पवन खेडा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम नीतीश कुमार जी को बधाई देते हैं। उम्मीद करते हैं कि इस बार उनके साथ किसी तरह का धोखा नहीं होगा।” यह बयान सीधे तौर पर नीतीश कुमार के बार-बार गठबंधन बदलने के इतिहास की ओर इशारा करता है, खासकर बीजेपी के साथ उनके पिछले रिश्तों पर।
- इशारा साफ: कांग्रेस का यह तंज कहीं न कहीं यह बताने की कोशिश कर रहा है कि बीजेपी के साथ नीतीश कुमार का गठबंधन पहले भी कई बार टूटा है, और यह अस्थिरता फिर से आ सकती है।
- पुराना इतिहास: याद रहे, नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी से अलग होकर RJD और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बना चुके हैं, और फिर एक बार वापस NDA में लौटे हैं।
राजनीति के ‘पेंडुलम’ बने नीतीश
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर किसी पेंडुलम से कम नहीं रहा है। उनके विरोधी उन्हें ‘अवसरवादी’ बताते रहे हैं, लेकिन उनके समर्थक इसे उनकी ‘राजनीतिक चतुरता’ और ‘समय की मांग’ बताते हैं।
इस बार NDA ने बिहार विधानसभा चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की है, जिसके बाद नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय था। मगर, जिस तरह से कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, उससे साफ है कि विपक्ष नई सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। कांग्रेस का बयान एक चेतावनी की तरह भी है, जो यह याद दिलाता है कि भले ही अभी NDA में जश्न का माहौल हो, लेकिन भविष्य में गठबंधन की स्थिरता एक बड़ा सवाल बनी रहेगी।
अब क्या?
नीतीश कुमार ने 10वीं बार शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। अब देखना यह होगा कि क्या वह कांग्रेस के इस तंज को नज़रअंदाज़ करते हुए एक स्थिर सरकार चला पाएंगे? या फिर, आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में कोई नया ‘धोखा’ देखने को मिलेगा, जैसा कि कांग्रेस आशंका जता रही है?










