PK ने किया ‘वोट चोरी’ विवाद को संतुलित: “चुनाव आयोग को राहुल गांधी के सवालों का जवाब देना ही होगा”

मो0 कुमेल
PNN24 न्यूज़ डेस्क: हरियाणा चुनाव में ‘वोट चोरी’ के राहुल गांधी के सनसनीखेज आरोपों पर अब जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) का संतुलित बयान सामने आया है। जहाँ बीजेपी इन आरोपों को राहुल गांधी की विफलता बताकर खारिज कर रही है, वहीं PK ने इस मुद्दे को सीधे चुनाव आयोग (Election Commission) के पाले में डाल दिया है। PK का मानना है कि विपक्ष के नेता द्वारा उठाए गए सवालों को अनदेखा नहीं किया जा सकता, चुनाव आयोग को पारदर्शी तरीके से उनका जवाब देना चाहिए।
PK का संतुलित रुख: यह ‘वफलता छिपाने’ का मुद्दा नहीं
प्रशांत किशोर ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी जो सबूतों के साथ आरोप लगा रहे हैं, वह किसी भी लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रशांत किशोर की दो टूक: “यह सही है कि चुनाव हारने के बाद विपक्ष अक्सर सवाल उठाता है, लेकिन जब विपक्ष का सबसे बड़ा नेता एक ब्राजीलियन मॉडल की तस्वीर और 22 बार वोटिंग जैसे पुख्ता प्रमाण देता है, तो इसे केवल विफलता छिपाने का बहाना बताकर खारिज नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे जनता तथा विपक्ष के सभी संदेहों को दूर करना चाहिए।” PK ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राहुल गांधी के सभी आरोपों की जाँच करनी चाहिए और जो भी सच्चाई हो, उसे देश के सामने रखना चाहिए।
संस्थाओं पर विश्वास का सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सिर्फ हरियाणा चुनाव हारने या जीतने का मामला नहीं है, बल्कि देश की चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आम जनता के विश्वास का सवाल है।
- राहुल के आरोप: राहुल गांधी ने अपनी ‘H-फ़ाइलें’ प्रेजेंटेशन में आरोप लगाया था कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट हैं, एक ही महिला की तस्वीर का इस्तेमाल 10 बूथों पर 22 बार किया गया है, और चुनाव आयोग ने डुप्लीकेट वोटों को जानबूझकर नहीं हटाया।
- PK की अपील: PK ने अपील की है कि अगर ये आरोप सही हैं तो दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और अगर ये गलत हैं तो चुनाव आयोग को सामने आकर इन आरोपों को तथ्यों के आधार पर खंडन करना चाहिए। चुप्पी साधना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।











