समस्तीपुर में लावारिस VVPAT पर्चियों का ढेर….! अखिलेश यादव ने साधा BJP पर निशाना, लोकतंत्र पर सवाल

ईदुल अमीन/निशा रोहतवी
PNN24 न्यूज़, समस्तीपुर/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच, समस्तीपुर जिले के शितलपट्टी गांव के पास सड़क किनारे बड़ी संख्या में वीवीपैट (VVPAT) पर्चियां लावारिस हालत में मिलने से बड़ा सियासी हड़कंप मच गया है। चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता पर उठे इस गंभीर सवाल के बाद, विपक्षी दलों ने तुरंत चुनाव आयोग (Election Commission) और सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा है।

क्या है समस्तीपुर का ‘लावारिस पर्ची’ मामला?
समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के पास केएसआर कॉलेज डिस्पैच सेंटर के निकट सड़क किनारे हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े के ढेर में फेंकी हुई मिलीं।
- हंगामा: इन पर्चियों को देखते ही स्थानीय लोगों और प्रत्याशियों ने गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
- प्रशासन का एक्शन: सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) तत्काल मौके पर पहुंचे। डीएम ने जांच के बाद बताया कि ये पर्चियां मॉक पोल (Mock Poll) के दौरान इस्तेमाल की गई थीं, जिन्हें निस्तारित करने में सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) ने लापरवाही बरती।
- सख्त कार्रवाई: चुनाव आयोग ने इस बड़ी चूक को गंभीरता से लेते हुए एआरओ को निलंबित कर दिया है और दोषी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने इन पर्चियों को जब्त कर लिया है और सफाई दी है कि वास्तविक मतदान वाली पर्चियां सुरक्षित हैं।
अखिलेश यादव ने साधा BJP पर निशाना
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी खेमे के प्रमुख नेता अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर BJP पर निशाना साधा है और लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।
- ‘VVPAT पर्चियां लावारिस क्यों?’: अखिलेश यादव ने कहा कि जब चुनाव आयोग इतनी सतर्कता बरतने का दावा करता है, तो मतदान से जुड़ी इतनी संवेदनशील सामग्री सड़क पर लावारिस हालत में कैसे मिल सकती है?
- BJP की भूमिका: उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की लापरवाही जानबूझकर की जा रही है ताकि चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा हो। उन्होंने संकेतों में कहा कि यह सब सत्ता पक्ष को फायदा पहुँचाने की कोशिश हो सकती है।
- चुनाव आयोग पर दबाव: उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि वह केवल निलंबन से काम न चलाए, बल्कि इस पूरी घटना की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच कराए ताकि भविष्य में ऐसी धांधली या लापरवाही न हो।
समस्तीपुर की इस घटना ने बिहार चुनाव में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भले ही प्रशासन ने इसे मॉक पोल की पर्चियां बताया हो, लेकिन इनकी लावारिस हालत ने चुनाव आयोग के प्रबंधन और विपक्ष के विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।











