असम: क्रिसमस पर ‘रंग में भंग’, सेंट मैरी स्कूल में तोड़फोड़ और जीसस की प्रतिमा गिराई; विहिप ने कहा- “हमें ईसाई सेलिब्रेशन मंजूर नहीं”

आफताब फारुकी
नलबाड़ी (असम): देशभर में जहाँ क्रिसमस की खुशियाँ मनाई जा रही हैं, वहीं असम के नलबाड़ी जिले से एक तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक स्कूल में घुसकर क्रिसमस की सजावट तहस-नहस कर दी और ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) की प्रतिमा को गिरा दिया।

बाजारों में भी दी चेतावनी: स्कूल में तोड़फोड़ के बाद प्रदर्शनकारियों का जत्था नलबाड़ी शहर के बाजारों में पहुँचा। उन्होंने उन दुकानों का दौरा किया जहाँ क्रिसमस का सामान बिक रहा था। जैन मंदिर के पास एक दुकान के सामने क्रिसमस से जुड़ी सामग्री को आग के हवाले कर दिया गया। संगठन के सदस्यों ने दुकानदारों और आम लोगों को क्रिसमस न मनाने की चेतावनी भी दी।
विहिप का रुख: “गैर-भारतीय त्योहार पर व्यापार मंजूर नहीं” विहिप के जिला सचिव भास्कर डेका ने मीडिया से बात करते हुए इस कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा, “हम ईसाई सेलिब्रेशन नहीं चाहते। हमें भारतीय त्योहारों से संबंधित सामान की बिक्री से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गैर-भारतीय मूल के त्योहारों का व्यापार हमें मंजूर नहीं है।”
देशभर में बढ़ता तनाव: गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के रायपुर, मध्य प्रदेश के जबलपुर और दिल्ली के कुछ इलाकों के बाद अब असम में भी ऐसी घटना सामने आई है। मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए इसे संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।
मुख्य बिंदु: नलबाड़ी में क्या-क्या हुआ?
- सेंट मैरी स्कूल: जीसस की प्रतिमा गिराई गई और डेकोरेशन तोड़ा गया।
- बैनर दहन: ‘जय श्री राम’ के नारों के बीच क्रिसमस के पोस्टर जलाए गए।
- बाजार में सख्ती: दुकानदारों को क्रिसमस का सामान न बेचने की चेतावनी दी गई।











