‘अब्दुल सिर्फ पंचर नहीं बनाता, बल्कि आवाम की जान भी बचाता है..,’ बोंडी बीच का ‘हीरो’ अहमद..! जिसने अपनी जान पर खेलकर हमलावर से बंदूक छीनकर बचाईं कई जानें, दुनिया कर रही “सलाम”

तारिक आज़मी
PNN24 न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंडी बीच पर हुए भयावह आतंकवादी हमले के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए हमलावर से बंदूक छीनने वाले साहसी व्यक्ति की पहचान 43 वर्षीय अहमद अल अहमद के रूप में हुई है। अहमद, जो दो बच्चों के पिता हैं और एक फल की दुकान चलाते हैं, उन्हें गोली लगने के बावजूद उनकी बहादुरी ने कई लोगों की जान बचाई है।
बंदूक छीनने का दिल दहला देने वाला वीडियो
सोशल मीडिया पर अहमद का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें उनकी असाधारण बहादुरी कैद हुई है।
- साहसिक कार्रवाई: वीडियो में दिखता है कि अहमद एक खड़ी कार के पीछे छिपे हुए थे। उन्होंने मौका देखकर अचानक हमलावर पर झपट्टा मारा और उसे पकड़ लिया।
- हथियार छीनना: अहमद ने हमलावर से बंदूक छीनने में कामयाबी हासिल की, उसे ज़मीन पर धकेला और बंदूक उसकी तरफ़ तान दी, जिससे हमलावर पीछे हटने पर मजबूर हो गया।
- गोली लगने के बावजूद: इस झड़प में अहमद को बाँह और हाथ में दो गोलियाँ लगीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी सर्जरी हुई है।
परिवार ने कहा- ‘वह 100% हीरो हैं’
रविवार रात हुए इस आतंकवादी हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जब एक हज़ार से ज़्यादा लोग हनुक्का के जश्न के लिए एक कार्यक्रम में मौजूद थे। इस त्रासदी के बीच, अहमद की बहादुरी की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।
- चचेरे भाई का बयान: अहमद के चचेरे भाई मुस्तफ़ा ने ‘7न्यूज़ ऑस्ट्रेलिया’ से कहा, “वह एक हीरो हैं, 100% हीरो हैं। उन्हें दो गोलियाँ लगी हैं, एक उनकी बाँह में और एक उनके हाथ में।” मुस्तफ़ा ने उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई है।
- पुलिस की पुष्टि: पुलिस ने इस घटना को यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया ‘आतंकवादी हमला’ कहा है। पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि इस घटना में शामिल दो हमलावर पिता और बेटा थे (उम्र 50 और 24 साल)। 50 साल के हमलावर की मौक़े पर ही मौत हो गई, जबकि 24 साल का युवा हमलावर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
वैश्विक नेताओं ने किया सलाम
अहमद की बहादुरी की तारीफ़ ऑस्ट्रेलिया समेत वैश्विक मंचों पर भी हुई है।
- ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर: न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिंस ने कहा, “वे एक सच्चे हीरो हैं, और मुझे इसमें कोई शक नहीं कि उनकी बहादुरी की वजह से आज रात बहुत से लोग ज़िंदा हैं।”
- ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि ये “ऑस्ट्रेलियाई हीरो” हैं, जिनकी बहादुरी ने जानें बचाईं।
- डोनाल्ड ट्रंप का सम्मान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में अहमद की तारीफ़ करते हुए कहा कि उनके मन में अहमद के लिए “बहुत सम्मान” है। उन्होंने कहा, “वह वाक़ई एक बहुत, बहुत बहादुर इंसान हैं, जिन्होंने सामने से जाकर एक शूटर पर हमला किया और कई ज़िंदगियाँ बचाईं।”










