दालमंडी चौडीकरण: ‘अदालत की अवमानना’ मामले में प्रशासन को नोटिस जारी, संसद में भी उठा दालमंडी का मुद्दा, बोले सांसद वीरेंदर सिंह ‘दालमंडी में बिना कानून लागू किये गुंडों के माफिक भवन तोड़े जा रहे है’

तारिक आज़मी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: दालमंडी चौडीकरण के सम्बन्ध में चल रही प्रशासनिक कवायद के दरमियान एक तरफ जहाँ हाई कोर्ट में दाखिल ‘अदालत की अवमानना’ याचिका पर आज सुनवाई नही हो सकी और अगली तारीख नियत हो गई है। वही इस मामले में स्थानीय प्रशासन को नोटिस पहले ही जारी होने की जानकारी हमारे हाई कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता के द्वारा प्रदान की गई है।

वही दुसरे तरफ आज संसद में भी दालमंडी चौडीकरण का मुद्दा गरम हुआ है। संसद में आज सपा सांसद वीरेंदर सिंह के द्वारा इस मुद्दे को उठाते हुवे दुकानदारो और स्थानीय निवासियों के समस्याओं से सरकार और सदन को अवगत करवाते हुवे कहा कि ‘स्थानीय प्रशासन गुंडों के माफिक काम कर रहा है।’ उनका इशारा रात को दिन में होने वाली तोड़फोड़ की कार्यवाई और वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा जारी की गई पुरानी ध्वस्तीकरण नोटिस की तरफ था।

आज सदन में सांसद वीरेंदर सिंह ने दालमंडी के चौडीकरण के मुद्दे पर सदन को अवगत करवाते हुवे कहा कि प्रशासन दालमंडी में कानून को ताख पर रख कर गैरकानूनी तरीके से गुंडों के माफिक काम कर रहा है। किसी भी भवन पर कभी भी दशको पुरानी ध्वस्तीकरण की नोटिस थमा दिया जाता है और दोपहर हो या रात भवन तोडना शुरू कर दिया जाता है। जबकि दुकानदारो को कही भी विस्थापित नहीं किया जा रहा है।

सासंद वीरेंदर सिंह ने कहा कि सुन्दरीकरण के नाम पर दालमंडी के एतिहासिक धरोहर को ध्वस्त किया जा सकता है। जबकि इसके वैकल्पिक रास्ते भी है जिससे सुन्दरीकरण भी हो जाएगा और एतिहासिक धरोहर भी सलामत रहेगी। सांसद वीरेंदर सिंह द्वारा उठाये गए मुद्दे पर विपक्ष के सभी सांसद सरकार को ‘शेम, शेम’ कहते हुवे सुने गए। मिल रही जानकारी के अनुसार सांसद वीरेंदर सिंह के द्वारा वाराणसी के कुछ अधिकारियों की शिकायत भी की गई है।

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