जावेद अख्तर का नीतीश कुमार पर कड़ा प्रहार…! “पर्दा प्रथा का विरोधी हूँ, लेकिन मुख्यमंत्री की हरकत अस्वीकार्य; मांगें बिना शर्त माफी”

शफी उस्मानी
PNN24 न्यूज़ डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का मामला अब और गर्मा गया है। मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने इस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीतीश कुमार को उस महिला डॉक्टर से ‘बिना शर्त माफ़ी’ मांगनी चाहिए।
“विचारधारा अलग, लेकिन सम्मान सर्वोपरि”
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी बात रखते हुए इस कृत्य को किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का उल्लंघन बताया।
- पर्दे पर स्टैंड: जावेद अख्तर ने लिखा, “जो लोग मुझे थोड़ा बहुत भी जानते हैं, वे यह जानते हैं कि मैं पर्दे की पारंपरिक सोच के ख़िलाफ़ कितना हूं।”
- कृत्य की निंदा: उन्होंने आगे जोड़ा कि पर्दे का विरोधी होने का मतलब यह कतई नहीं है कि मुख्यमंत्री द्वारा किसी महिला के साथ की गई इस तरह की हरकत को स्वीकार किया जाए।
- माफी की मांग: उन्होंने कहा, “मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त माफ़ी मांगनी चाहिए।”
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी थी बहस?
दरअसल, नीतीश कुमार का बचाव करने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर्स जावेद अख्तर के पुराने बयानों का हवाला दे रहे थे, जिसमें उन्होंने घूंघट और बुर्के/पर्दे जैसी प्रथाओं की आलोचना की थी।
- बचाव की दलील: समर्थकों का तर्क था कि जब जावेद अख्तर खुद पर्दे के खिलाफ हैं, तो वे मुख्यमंत्री की इस ‘अनैच्छिक’ क्रिया का विरोध कैसे कर रहे हैं?
- जावेद का जवाब: जावेद अख्तर ने स्पष्ट किया कि किसी प्रथा का वैचारिक विरोध करना एक बात है, लेकिन सत्ता के पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किसी महिला की धार्मिक पहचान या वस्त्रों के साथ शारीरिक जोर-जबरदस्ती करना पूरी तरह से गलत और निंदनीय है।
क्या है मामला? (Recap)
यह पूरा विवाद 15 दिसंबर 2025 की उस घटना से जुड़ा है, जहाँ पटना में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच पर मौजूद एक महिला आयुष चिकित्सक (डॉ. नुसरत परवीन) का हिजाब नीचे की तरफ खींच दिया था।
खबरें हैं कि डॉ. नुसरत इस अपमान से इतनी दुखी हैं कि उन्होंने बिहार सरकार की नौकरी ठुकरा दी है और वापस कोलकाता लौट गई हैं।









