बांग्लादेश में युग का अंत: पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन; पीएम मोदी ने जताया शोक, भारत की ओर से एस जयशंकर जनाजे में होंगे शामिल

मो0 सलीम

ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजनीति की धुरी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थीं और ढाका के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल बांग्लादेश बल्कि दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

पीएम मोदी ने याद की 2015 की मुलाकात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने 2015 की अपनी ढाका यात्रा को याद करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा:

“बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ है। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में देश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। 2015 में उनसे हुई मुलाकात की यादें आज भी ताजा हैं।”

एस जयशंकर जाएंगे ढाका: भारत सरकार ने इस दुख की घड़ी में बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर को बुधवार को ढाका भेजने का फैसला किया है। वे भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में बेगम खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होंगे।

बेटे तारिक रहमान का भावुक संदेश: खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने अपनी मां को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश ने अपनी ‘मार्गदर्शक’ और ‘लोकतंत्र की मां’ को खो दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए वह एक प्रेम करने वाली मां थीं, लेकिन देश के लिए वह बलिदान और प्रतिरोध की ऐसी विरासत छोड़ गई हैं, जो हमेशा जीवित रहेगी।”

शेख हसीना और राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि: उनकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहीं शेख हसीना ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थापना के संघर्ष में उनकी भूमिका अहम थी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनके निधन पर दुख जताते हुए इसे बांग्लादेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति बताया।

खालिदा जिया का सफर: संघर्ष और सत्ता बेगम खालिदा जिया 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उन्होंने अपने जीवन में तानाशाही के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और बहुदलीय लोकतंत्र की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्थकों के बीच उन्हें ‘अडिग नेतृत्व’ वाली शख्सियत माना जाता है।

श्रद्धांजलि देने वाले प्रमुख भारतीय नेता:

  • नरेंद्र मोदी (PM): “भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने वाली नेता।”
  • एस जयशंकर (विदेश मंत्री): जनाजे में शामिल होने कल पहुंचेंगे ढाका।
  • राहुल गांधी (कांग्रेस): “बांग्लादेश की राजनीति की अहम धुरी।”
  • ममता बनर्जी (CM, WB): “एक प्रमुख सार्वजनिक नेता का जाना दुखद।”

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