उन्नाव रेप केस: पूर्व भाजपा MLA कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित, दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत; लेकिन क्या अभी जेल से बाहर आ पाएगा दोषी?

तारिक खान
नई दिल्ली: साल 2017 का वह खौफनाक ‘उन्नाव कांड’ जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था, एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 23 दिसंबर को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, इस फैसले के बावजूद सेंगर के जेल से बाहर आने का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

क्या कुलदीप सेंगर जेल से बाहर आएंगे? जवाब है— नहीं, फिलहाल नहीं। भले ही हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया है, लेकिन वह अभी सलाखों के पीछे ही रहेंगे। इसकी वजह यह है कि कुलदीप सेंगर को सर्वाइवर के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी पाया गया है।
- बलात्कार मामला (2019): उम्रकैद की सजा (जिसमें अब जमानत मिली है)।
- पिता की हत्या का मामला (2020): 10 साल की सजा।
हत्या के मामले में मिली 10 साल की सजा के खिलाफ भी सेंगर ने हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन साल 2024 में कोर्ट ने उसकी सजा निलंबित करने वाली अर्जी खारिज कर दी थी। इसलिए, जब तक उस मामले में जमानत नहीं मिलती, सेंगर जेल में ही रहेंगे।
घटनाक्रम पर एक नजर:
- 2017: उन्नाव में नाबालिग से बलात्कार की घटना।
- 2019: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
- 2020: पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में 10 साल की सजा।
- दिसंबर 2025: दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा बलात्कार वाले केस में सजा का निलंबन और जमानत।











