पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने किया बड़ा दावा ‘एसआईआर’ का खौफ और 39 मौतें..!

तारिक खान
डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर बवाल मचा हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक सनसनीखेज दावा किया है, जिसके बाद राज्य में हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है।

डर और तनाव की वजह से गई जान
ममता बनर्जी का आरोप है कि 4 नवंबर को एसआईआर लागू होने के बाद से राज्य के कई हिस्सों में लोगों में भय और तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी डर और अनिश्चितता के कारण कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली है। उन्होंने बताया कि मरने वालों में चार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) भी शामिल हैं, जिन पर काम का अत्यधिक दबाव था।
“हमारे आकलन के अनुसार, एसआईआर से पैदा हुए डर के कारण अब तक 39 लोग जान गंवा चुके हैं। तीन बीएलओ सहित 13 लोग एसआईआर संबंधी काम के दौरान अचानक बीमार पड़ गए।”
ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने मानवीय आधार पर इन मौतों को देखते हुए प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता का भी ऐलान किया है।
- मृतकों के परिवार: सरकार ने 39 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
- बीमार BLO: एसआईआर संबंधी कार्य के दौरान बीमार पड़े तीन बीएलओ सहित 13 लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
चुनाव आयोग पर क्यों है सवाल?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ने चुनाव आयोग पर ‘अवांछित और अथक’ कार्यभार थोपने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस काम को पूरा करने में सालों लगने चाहिए, उसे जल्दबाजी में कुछ ही महीनों में पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे फील्ड वर्कर्स, खासकर बीएलओ पर असहनीय तनाव पैदा हो रहा है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से एसआईआर की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और अराजकता को रोका जा सके।











