दरिंदा ऑटो वाला: मासूम बहनों को चॉकलेट का लालच देकर अपहरण, एक के साथ दुष्कर्म; पुलिस से बचने के लिए फ्लाईओवर से कूदा दरिंदा सर्वेश, दोनों पैर गए टूट

ईदुल अमीन
गुरुग्राम (मानेसर): मानवता को झकझोर देने वाली एक वारदात में एक ऑटो चालक ने पड़ोस में रहने वाली दो मासूम सगी बहनों के विश्वास का कत्ल कर दिया। आरोपी ने न केवल दोनों बच्चियों का अपहरण किया, बल्कि उनमें से एक 8 साल की मासूम के साथ दरिंदगी की हदें पार कर दीं। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी का ड्रामा भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं रहा।
चॉकलेट का लालच देकर किया शिकार
वारदात 13 दिसंबर की है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का रहने वाला आरोपी सर्वेश, जो वर्तमान में मानेसर क्षेत्र में ऑटो चलाता था, ने पड़ोस में खेल रही 6 और 8 साल की दो सगी बहनों को अपना निशाना बनाया। उसने मासूमों को चॉकलेट दिलाने का झांसा दिया और अपने साथ ले गया।
मासूम बच्चियां यह समझ ही नहीं पाईं कि जिस ‘पड़ोसी अंकल’ पर वे भरोसा कर रही हैं, वह एक भेड़िये के रूप में उनके साथ चल रहा है।
राहगीरों की सूझबूझ से बची जान
सर्वेश दोनों बच्चियों को लेकर एक सुनसान इलाके में पहुंचा, जहां उसने 8 साल की बड़ी बहन के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे कुछ राहगीर रुक गए। लोगों को अपनी ओर आता देख आरोपी घबरा गया और बच्चियों को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस को देख फ्लाईओवर से लगा दी छलांग
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की थीं। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी केएमपी (KMP) फ्लाईओवर के पास छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस की टीम उसे दबोचने पहुंची, आरोपी ने कानून के खौफ से बचने के लिए फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगा दी।
इस ऊंचाई से गिरने के कारण आरोपी के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गई हैं। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है।
क्या कहती है पुलिस?
मानेसर थाना प्रबंधक, निरीक्षक सतेंद्र ने बताया कि:”आरोपी सर्वेश की पहचान हो चुकी है और वह मूल रूप से यूपी के सीतापुर का रहने वाला है। वर्तमान में वह घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। जैसे ही डॉक्टरों द्वारा उसे फिट घोषित किया जाएगा, उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। बच्चियों का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया है।”












