“अदालत का फैसला मंजूर, लेकिन भीड़ का नहीं”: शिमला के संजौली में मस्जिद गिराने का काम फिर शुरू, क्या है इस विवाद की जमीनी हकीकत?

तारिक खान

शिमला/नई दिल्ली: पहाड़ों की रानी शिमला का शांत रहने वाला संजौली इलाका एक बार फिर चर्चा में है। कई सालों से विवादों के केंद्र में रही पांच मंजिला मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का काम प्रशासन और मस्जिद कमेटी की देखरेख में दोबारा शुरू हो गया है। यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस हालिया आदेश के बाद हो रही है, जिसमें निचली दो मंजिलों को बरकरार रखने और ऊपरी तीन मंजिलों को हटाने का निर्देश दिया गया है।

एक दर्जी की जुबानी: मजबूरी और मर्जी का सवाल संजौली की गलियों में सिलाई का काम करने वाले 28 वर्षीय इमरान, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से यहाँ रोजी-रोटी की तलाश में आए हैं, इस मंजर को एक अलग नजरिए से देखते हैं। वे कहते हैं, अगर कुछ गलत बना है तो उसे तोड़ना गलत नहीं है। कानून का पालन होना चाहिए। लेकिन अपनी बात रखने का हक सबको है।” इमरान का इशारा उन प्रदर्शनों की ओर था जहाँ भीड़ ने एक ही दिन में मस्जिद गिराने की मांग की थी। वे भावुक होकर कहते हैं, बड़ी अदालत ने फैसला दिया है, तो सब मान रहे हैं। लेकिन भीड़ का फैसला मानना किसी के लिए ठीक नहीं होता।”

विवाद की जड़ें: 2024 से 2026 तक का सफर यह विवाद अगस्त 2024 में तब उग्र हुआ जब मल्याणा इलाके में एक मामूली झड़प ने ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ और ‘अवैध निर्माण’ का रूप ले लिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन शिमला से कुल्लू और रामपुर तक फैल गए। प्रदर्शनकारियों ने मस्जिदों के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिसे लेकर काफी तनाव पैदा हो गया था।

कानूनी मोड़:

  1. 30 नवंबर 2024: जिला न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज की।
  2. 3 मई 2025: आयुक्त कोर्ट ने पूरी पांच मंजिला इमारत को अवैध माना।
  3. दिसंबर 2025: हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की अपील पर सुनवाई करते हुए बीच का रास्ता निकाला। कोर्ट ने निचली दो मंजिलों को फिलहाल राहत दी, लेकिन ऊपरी तीन मंजिलों को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश जारी रखा।

शांतिपूर्ण तरीके से चल रही प्रक्रिया मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ और वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि वे संसाधनों की कमी के बावजूद खुद अपने खर्च पर अवैध हिस्सा हटा रहे हैं। मस्जिद की दो मंजिलें पहले ही हटाई जा चुकी हैं और अब तीसरी मंजिल का काम जारी है। मामले की अगली सुनवाई अब 9 मार्च 2026 को होनी है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *