नीतीश कुमार पर इकरा हसन का बड़ा हमला…! हिजाब खींचने वाले वीडियो पर भड़कीं सपा सांसद, बोलीं- ‘यह महिला की गरिमा पर सीधा प्रहार है’

शफी उस्मानी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नवनियुक्त मुस्लिम महिला चिकित्सक का हिजाब (नकाब) खींचने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है। उत्तर प्रदेश की कैराना सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार को बेहद शर्मनाक” करार दिया है।

“धार्मिक पहचान पर सीधा हमला”: इकरा हसन

सांसद इकरा हसन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस घटना का वीडियो साझा करते हुए तीखे सवाल पूछे:

  • गरिमा पर चोट: इकरा हसन ने लिखा, शर्मनाक! एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी गरिमा और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है।”
  • सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने आगे कहा कि जब राज्य का मुख्यमंत्री स्वयं ऐसी हरकत करे, तो आम महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाज़मी है।
  • मानसिकता: सांसद ने इसे मुख्यमंत्री की महिला विरोधी मानसिकता और किसी की धार्मिक मान्यताओं के प्रति अनादर का प्रतीक बताया।

आरजेडी (RJD) ने वीडियो शेयर कर बोला हमला

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने आधिकारिक हैंडल से मुख्यमंत्री का वह वीडियो साझा किया, जिसमें वह पटना में आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र बांटते समय एक महिला डॉक्टर का हिजाब नीचे खींचते नजर आ रहे हैं।

  • मानसिक स्थिति पर सवाल: आरजेडी ने वीडियो के साथ लिखा कि नीतीश जी को क्या हो गया है? उनकी मानसिक स्थिति अब दयनीय स्थिति में पहुँच चुकी है।” * संघीहोने का आरोप: राजद ने तंज कसते हुए यहाँ तक कह दिया कि नीतीश कुमार अब सौ फ़ीसद तक संघी” हो गए हैं।
  • कांग्रेस की प्रतिक्रिया: कांग्रेस ने भी इसे नीच हरकत” बताते हुए कहा कि बिहार के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा आचरण राज्य की महिलाओं के लिए असुरक्षा का संदेश है।

क्या है पूरा विवाद?

यह घटना 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम की है।

  1. मुख्यमंत्री नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे।
  2. जब एक मुस्लिम महिला चिकित्सक पत्र लेने मंच पर पहुँची, तो मुख्यमंत्री ने अचानक उसका हिजाब खींचकर नीचे करने का प्रयास किया।
  3. रिपोर्ट्स के अनुसार, उक्त महिला डॉक्टर नुसरत परवीन इस अपमान से इतनी आहत हुईं कि उन्होंने बिहार छोड़ दिया है और सरकारी नौकरी ठुकराने का मन बना लिया है।

बचाव में उतरी जेडीयू (JDU)

विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच जेडीयू नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ने हमेशा अल्पसंख्यकों और महिलाओं के हित में काम किया है। पार्टी इसे केवल एक सहज भाव की क्रिया बता रही है, जिसे विपक्ष द्वारा जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

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