बड़ी खबर: सुमैया राना का एक्शन…! बिहार CM नीतीश कुमार और मंत्री संजय निषाद के खिलाफ दी तहरीर, नकाब विवाद पर बोला हमला

मो0 सलीम
PNN24 न्यूज़, लखनऊ: समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता और मशहूर शायर स्वर्गीय मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुमैया राना ने लखनऊ के कैसरबाग कोतवाली में दोनों नेताओं के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
“मानसिक दिवालियापन की निशानी”
यह पूरा विवाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कथित वीडियो से शुरू हुआ है, जिसमें वह एक महिला का नकाब (हिजाब) हटाते नजर आ रहे हैं। इस घटना पर सुमैया राना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
- कड़ी निंदा: सुमैया राना ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक महिला का नकाब हटाने की हरकत मुख्यमंत्री के ‘मानसिक दिवालियापन’ को दर्शाती है।
- महिलाओं के प्रति सोच: उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार के मुख्यमंत्री का यह वीडियो देखने के बाद यह समझ नहीं आ रहा है कि सत्ता में बैठे ये लोग महिलाओं के प्रति आखिर कैसी घटिया सोच रखते हैं।
- धार्मिक और व्यक्तिगत गरिमा: सुमैया का तर्क है कि किसी भी महिला की पसंद और उसकी धार्मिक पहचान के साथ इस तरह का खिलवाड़ उसकी गरिमा और सम्मान पर चोट है।
कोतवाली में दी तहरीर
सुमैया राना बुधवार को लखनऊ की कैसरबाग कोतवाली पहुँचीं और वहां लिखित शिकायत सौंपी।
- मांग: उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस कृत्य के लिए नीतीश कुमार और संबंधित घटनाक्रम में शामिल अन्य नेताओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
- संजय निषाद पर निशाना: तहरीर में यूपी के मंत्री संजय निषाद का भी जिक्र किया गया है, जिन पर इस मामले में आपत्तिजनक रुख अपनाने या शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है।
वीडियो पर गरमाई राजनीति
बता दें कि नीतीश कुमार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी विपक्षी दलों और मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा लगातार आलोचना की जा रही है। सुमैया राना द्वारा पुलिस में दी गई इस तहरीर के बाद अब उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों की राजनीति में हलचल तेज होने की उम्मीद है।
किन धाराओं के तहत हो सकती है कार्रवाई? (भारतीय न्याय संहिता – BNS)
चूंकि अब भारत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू है, इसलिए सुमैया राना की तहरीर के आधार पर पुलिस निम्नलिखित धाराओं पर विचार कर सकती है:
- धारा 74/79 (BNS): किसी महिला की गरिमा (Modesty) को ठेस पहुँचाने के इरादे से किया गया कृत्य। (पुराने IPC में धारा 354/509 के समकक्ष)।
- धारा 299 (BNS): किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करना। (पुराने IPC में धारा 295A के समकक्ष)।
- धारा 352 (BNS): शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना।
- धारा 353 (BNS): सार्वजनिक रूप से वैमनस्य या नफरत फैलाने वाले बयान या कृत्य।
पुलिस का अब तक का रुख
कैसरबाग पुलिस ने सुमैया राना से तहरीर प्राप्त (Receive) कर ली है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- प्राथमिक जांच: हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस सीधे FIR दर्ज करने के बजाय पहले वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है।
- कानूनी राय (Legal Opinion): चूंकि आरोपी एक दूसरे राज्य (बिहार) के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए लखनऊ पुलिस इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी वकीलों से कानूनी राय ले रही है कि क्या इस क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) में मामला दर्ज किया जा सकता है।
- साइबर सेल की भूमिका: वीडियो के सोर्स और उसके साथ की गई छेड़छाड़ (यदि कोई हो) की जांच के लिए इसे साइबर सेल को भेजा जा सकता है।
संजय निषाद का नाम क्यों?
शिकायत में यूपी के मंत्री संजय निषाद का नाम शामिल करने के पीछे सुमैया राना का तर्क है कि इस घटना के दौरान या उसके बाद उनके बयानों ने महिला विरोधी और अपमानजनक मानसिकता को बढ़ावा दिया है। हालांकि, निषाद पार्टी की ओर से अभी तक इस तहरीर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सुमैया राना का बयान
“हमने पुलिस को साक्ष्य सौंप दिए हैं। यह केवल एक महिला का मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज की महिलाओं के सम्मान का सवाल है। अगर पुलिस 24 घंटे में कार्यवाही नहीं करती है, तो हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे।”










