उन्नाव कांड की पूरी कहानी: अन्याय की वो रात, पिता की मौत, एक्सीडेंट का खौफ और न्याय की 8 साल लंबी जंग (2017-2025)

शफी उस्मानी

PNN24 न्यूज़ डेस्क: उन्नाव बलात्कार मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि एक ताकतवर विधायक के खिलाफ एक बेबस लड़की के संघर्ष और भारतीय न्यायपालिका की परीक्षा की दास्तां है। 2017 से शुरू हुए इस घटनाक्रम ने देश को हिला कर रख दिया था। PNN24 न्यूज़ आपके लिए लाया है इस केस की बिंदुवार पूरी टाइमलाइन:

2017: अपराध की शुरुआत

  • 4 जून 2017: एक नाबालिग लड़की नौकरी की मांग को लेकर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आवास पर गई, जहाँ उसके साथ ‘बलात्कार’ किया गया।
  • 11-20 जून 2017: लड़की को अगवा कर नशीला पदार्थ देकर कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया गया।
  • 20 जून 2017: पहली एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन इसमें विधायक का नाम नहीं था।

2018: पिता की मौत और आत्मदाह की कोशिश

  • फरवरी 2018: सर्वाइवर ने सेंगर का नाम शामिल कराने के लिए अदालत का रुख किया।
  • 3 अप्रैल 2018: सेंगर के लोगों ने सर्वाइवर के पिता को बुरी तरह पीटा और पुलिस ने उल्टा पिता को ही जेल भेज दिया।
  • 8 अप्रैल 2018: न्याय न मिलने पर सर्वाइवर ने मुख्यमंत्री आवास (लखनऊ) के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया।
  • 9 अप्रैल 2018: सर्वाइवर के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत हो गई। पोस्टमार्टम में शरीर पर 14 गंभीर चोटें पाई गईं।
  • 13 अप्रैल 2018: इलाहाबाद हाई कोर्ट की फटकार के बाद CBI ने सेंगर को हिरासत में लिया।

2019: एक्सीडेंट और उम्रकैद की सजा

  • 28 जुलाई 2019: रायबरेली में सर्वाइवर की कार को एक बिना नंबर वाले ट्रक ने टक्कर मारी। हादसे में सर्वाइवर की दो मौसियों की मौत हो गई, वकील और पीड़िता गंभीर रूप से घायल हुए।
  • 1 अगस्त 2019: सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को दिल्ली ट्रांसफर किया और 45 दिन में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया।
  • 20 दिसंबर 2019: दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास‘ (उम्रकैद) और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

2021-2025: कानूनी दांवपेच और वर्तमान स्थिति

  • दिसंबर 2021: साक्ष्यों के अभाव में दिल्ली की अदालत ने सेंगर को ‘सड़क दुर्घटना’ (साजिश) के मामले से बरी कर दिया, लेकिन रेप केस में सजा बरकरार रही।
  • 23 दिसंबर 2025: दिल्ली हाई कोर्ट ने तकनीकी आधार पर सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर उसे जमानत दे दी।
  • 29 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में सेंगर की सजा और सुरक्षा कारणों को देखते हुए उसे रिहा नहीं किया जा सकता।

केस के 3 सबसे विवादित मोड़

  1. साक्षी महाराज की मुलाकात: 2019 में चुनाव जीतने के बाद भाजपा सांसद साक्षी महाराज जेल में सेंगर से मिलने पहुँचे थे, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
  2. सीबीआई की भूमिका: शुरुआत में सीबीआई द्वारा पोक्सो (POCSO) हटाने पर विचार करने से एजेंसी की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे।
  3. गवाह की मौत: पिता की मौत के अहम गवाह यूनुस की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

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