दालमंडी चौडीकरण: सांसद वीरेंदर सिंह द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखे जाने के बाद प्रदेश सरकार ने सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट तैयार करने हेतु दिया निर्देश, बोले एसएम यासीन ‘सड़क से संसद तक संघर्ष का नतीजा’

शफी उस्मानी
वाराणसी: दालमंडी चौडीकरण के सम्बन्ध में चल रही सरकारी कवायद के बीच एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि प्रदेश सरकार के द्वारा दालमंडी प्रोजेक्ट पर सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट हेतु निर्देशित किया है। इसी बीच यह भी जानकारी हासिल हो रही है कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा लखनऊ की एक कंपनी को यह कार्य करने का निर्देश दिया है और जल्द ही वह कंपनी सतही पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

अपनी विज्ञप्ति में एसएम यासीन ने कहा कि ‘आज दिनांक 16/12/2025 को समाचार पत्र में दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट से संबंधित सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट तैयार करने हेतु लखनऊ आधारित एक कम्पनी को कार्य सौंपने हेतु अधिसूचित कर दिया गया है। यह दालमंडी वासियों के लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि इस रिपोर्ट के आधार पर ही मकान मालिकों और दुकानदारों के पुनर्वास और उचित मुआवज़ा की दर मिलेगी। यह ज़िला प्रशासन का एक न्यायोचित और सराहनीय क़दम है।इस सराहनीय कार्य के लिए ज़िला प्रशासन को दिली मुबारकबाद।’
उन्होंने आगे लिखा कि ‘मैं सांसद चन्दौली वीरेंद्र सिंह का भी आभारी हूं कि उन्होंने समय समय पर उचित फोरम पर दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के ज्वलंत विषय को उठाया। चाहे वह धरना-प्रदर्शन, सोशल मीडिया, संसद, वाराणसी के उच्च अधिकारीगण से वार्तालाप रहा हो। अन्त में उन्होंने माननीय राष्ट्रपति को भी पत्र दिनांक 06/11/2025 को भेज कर यहां की समस्याओं और उनके निदान हेतु विचार प्रस्तुत किया। माननीय राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा उक्त पत्र को मुख्य सचिव उतर प्रदेश को दिनांक 08/12/2025 को प्रेषित कर दिया गया था।’
एसएम यासीन ने कहा कि ‘कुछ दिन पूर्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस ज्वलंत मुद्दे को लखनऊ में दालमंडी वासियों के साथ मीटिंग में उठाया था। इस मीटिंग के प्रेरणास्रोत भी वीरेंद्र सिंह सांसद ही थे। अन्त में हम ज़िला प्रशासन, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, वीरेंद्र सिंह के बेहद शुक्रगुज़ार हैं कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ में सभी मकान-मालिक और किरायेदार, सबसे गुज़ारिश है कि धैर्य से काम लें कामयाबी उनके क़दम चूमेगी।’










