Updated News स्पा सेंटरों पर सिगरा इंस्पेक्टर संजय मिश्रा और SOG-2 की चर्चित कार्रवाई: पूर्व सपा और वर्तमान भाजपा नेत्री शालिनी यादव के पति के किराए के फ्लैट से सेक्स रैकेट का भंडाफोड़

सारा अंसारी
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात SOG-2 और सिगरा पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। कार्रवाई में 9 युवतियां और 4 युवको को हिरासत में लिए गया गया है। पुलिस की यह कार्यवाई सुबह होते होते शहर में ही नही बल्कि पुरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गई है। इसका प्रमुख कारण ये है कि जिस फ्लैट से यह गोरखधंधा चल रहा था, वह भाजपा नेत्री शालिनी यादव के पति अरुण यादव के नाम पर किराए पर दिया गया था। इस बात की सुगबुगाहट सामने आते ही लोगो के बीच यह चर्चा का केंद्र मुद्दा बन गया है।

पुलिस कार्यवाई के सम्बन्ध में मिल रही हमारे विभागीय सूत्रों से जानकारी के अनुसार सिपाही ग्राहक के भेष में जाएंगे और जानकारी होने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ये कार्रवाई शहर में सक्रिय अवैध नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूसरी तरफ समाचार सम्पादित किये जाते वक्त तक भाजपा नेत्री अथवा उनके पति अरुण यादव का बयान हमको प्राप्त नही हो सका है। बयान आते ही खबर को अपडेट किया जायेगा।
अपडेट दिनांक 4 दिसंबर 2025: भाजपा नेत्री शालिनी यादव तथा उनके पति अरुण यादव का पक्ष आया सामने
इस सम्बन्ध में आज दिनांक 4 दिसंबर 2025 को पत्रकार वार्ता कर भाजपा नेत्री शालिनी यादव ने अपने फ्लैट की खबर का खंडन करते हुए कहा कि उस फ्लैट की वह कभी भी मालकिन नहीं रही मगर पुलिस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर गलत तथ्यों को दिखाया गया। पत्रकारवार्ता के दौरान उनके पति अरुण यादव ने कड़ी आपत्ति जताते हुवे कहा कि सिगरा स्थित शिखा बिल्डिंग में फ्लैट नंबर 112 के स्वामी और मैलोडी स्पा से कोई संबंध नहीं है। जानबूझकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। अरुण यादव तथा उनकी पत्नी भाजपा नेत्री शालिनी यादव ने बताया कि पुलिस ने मेलोडी सपा से 10 लोगों की गिरफ्तारी दिखाई है। जबकि सिर्फ तीन महिलाओं को पूछताछ हेतु थाने लाया गया तथा उन्हें उसी दिन छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि दोनों घटनाओं में अलग-अलग ऍफ़आईआर दर्ज है। किसी भी ऍफ़आईआर में फ्लैट मालिक के उनके परिवार का नाम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लैट 1999 से उनके पति अरुण यादव के स्वामित्व में है और हमेशा विधिवत किराएदारी अनुबंध पर किराए पर दिया गया है। वर्तमान किराएदार अश्वनी त्रिपाठी को भी अप्रैल 2025 में एग्रीमेंट के आधार पर फ्लैट दिया गया है। इससे अवैध गतिविधियों की जिम्मेदारी किरायदार की है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि सभी 13 गिरफ्तारियां उनके फ्लैट से हुई जो पूरी तरह गलत है।










