बंगाल के सियासी रण में ‘बाबरी’ की एंट्री: टीएमसी विधायक बोले- ‘मैंने रखी नींव’, भड़की बीजेपी ने कहा- ‘ममता आग से खेल रही हैं’

ईदुल अमीन

PNN24 News डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति का पारा इन दिनों वैसे ही चढ़ा हुआ है, लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और हर पार्टी अपनी बिसात बिछाने में जुटी है। लेकिन इस सियासी गर्मी के बीच, मुर्शिदाबाद से टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के एक बयान ने मानो बारूद में चिंगारी डालने का काम कर दिया है। मामला इतना संवेदनशील है कि इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि उन्होंने अपने इलाके में एक मस्जिद की नींव रखी है और उसका नाम ‘बाबरी मस्जिद’ दिया है। उनके इस बयान के बाद से ही बंगाल में राजनीतिक भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है और इसे खतरनाक ‘तुष्टिकरण’ करार दिया है।

क्या कहा हुमायूं कबीर ने….?

भरतपुर विधानसभा सीट से टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर अपने बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार एक जनसभा को संबोधित करते हुए उनके बोल कुछ ज्यादा ही बिगड़ गए। उन्होंने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जो हुआ सो हुआ, लेकिन उन्होंने यहां एक मस्जिद की नींव रखी है और उसे ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम से जाना जाएगा।

बात सिर्फ मस्जिद के नाम तक सीमित नहीं रही। कबीर ने इलाके के धार्मिक समीकरणों का हवाला देते हुए कुछ ऐसी बातें भी कहीं, जिन्हें लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यहां 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है और अगर वे संगठित हो जाएं तो बाकी 30 प्रतिशत को मुश्किल हो सकती है। उनका एक पुराना बयान भी वायरल हो रहा है जिसमें वे विरोधियों को भागीरथी नदी में बहा देने की धमकी देते नजर आए थे।

जाहिर है, चुनाव से ठीक पहले एक समुदाय विशेष को गोलबंद करने की यह कोशिश राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।

बीजेपी का पलटवार: यह आग से खेलने जैसा

हुमायूं कबीर के इस बयान ने बीजेपी को ममता सरकार को घेरने का एक बड़ा मौका दे दिया है। बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

शुभेंदु अधिकारी ने साफ लफ्जों में कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी “आग से खेल रही है”। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी जानबूझकर चुनाव जीतने के लिए राज्य में सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि ‘बाबरी’ का नाम लेना और 70-30 का अनुपात गिनाना, सीधे तौर पर हिंदुओं को डराने और मुस्लिम वोटों को एकतरफा अपनी झोली में डालने की साजिश है।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी कबीर के बयान का वीडियो शेयर करते हुए ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे टीएमसी की हताशा का प्रतीक बताया है।

क्यों अहम है मुर्शिदाबाद का यह दांव?

राजनीति में कुछ भी यूं ही नहीं होता। मुर्शिदाबाद एक मुस्लिम बहुल जिला है और टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है। हाल के दिनों में कांग्रेस और लेफ्ट के गठबंधन ने भी यहां अपनी सक्रियता बढ़ाई है। ऐसे में हुमायूं कबीर का यह बयान अपने कोर वोट बैंक को किसी भी कीमत पर अपने साथ बनाए रखने की कवायद नजर आता है।

दूसरी तरफ, बीजेपी इस मुद्दे के जरिए पूरे बंगाल में यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि टीएमसी की राजनीति सिर्फ एक समुदाय विशेष के लिए है, जिससे बहुसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, हुमायूं कबीर के ‘बाबरी’ वाले बयान ने बंगाल के चुनावी अखाड़े में मजहबी रंग घोल दिया है। टीएमसी भले ही इसे स्थानीय मुद्दा बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करे, लेकिन बीजेपी इसे राष्ट्रीय स्तर पर भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अब देखना यह है कि ‘बाबरी’ की यह गूंज आने वाले चुनाव में वोटरों के दिलों-दिमाग पर क्या असर डालती है। एक बात तय है, बंगाल का सियासी मौसम अभी और गर्म होने वाला है।

हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता को कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त रखने के लिए आप आर्थिक सहयोग यदि करना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें


Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *