‘भारत में हिटलर का निज़ाम लाना चाहते हैं कुछ लोग’— कश्मीरी व्यापारियों पर हमलों पर फारूक अब्दुल्ला का तीखा हमला; कैथल में FIR दर्ज

ईदुल अमीन
श्रीनगर/कैथल: उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के साथ कथित उत्पीड़न और मारपीट की घटनाओं ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उबाल ला दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इन घटनाओं पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हमलावरों की तुलना ‘हिटलर के शासन’ से करते हुए कहा कि कट्टरपंथ का अंत निश्चित है।

“ये हमारी किस्मत है। कुछ लोग हैं जिनका मक़सद ही कुछ और है। वो चाहते हैं कि हिटलर का निज़ाम यहाँ शुरू हो। लेकिन याद रहे, हिटलर ने खुद को गोली मार ली थी और वहां फासीवाद खत्म हो गया। यहाँ भी एक वक्त आएगा जब ये कट्टरपंथी खत्म हो जाएंगे।”
कैथल में पुलिस की कार्रवाई: हालिया मामला हरियाणा के कैथल जिले से सामने आया है, जहाँ कश्मीरी शॉल बेचने वाले एक व्यक्ति पर हमला किया गया। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। कैथल की पुलिस अधीक्षक (SP) उपासना ने बताया कि पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।
नेताओं ने उठाई सुरक्षा की मांग: पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, फारूक अब्दुल्ला के अलावा घाटी के अन्य राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी इन हमलों की निंदा की है। नेताओं का कहना है कि सर्दियों के मौसम में हजारों कश्मीरी व्यापारी रोजी-रोटी की तलाश में देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।
प्रवासी व्यापारियों में डर का माहौल: बीते कुछ दिनों में पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों से कश्मीरी शॉल विक्रेताओं के उत्पीड़न की खबरें आई हैं। कश्मीरी संगठनों का आरोप है कि इन व्यापारियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।










