‘स्वच्छ’ इंदौर में मौत का तांडव: दूषित पानी से 10 मौतों की आशंका, 212 भर्ती; सवाल पूछने पर पत्रकार से उलझे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

आफताब फारुकी
इंदौर/भोपाल: देश के सबसे साफ शहर का गौरव रखने वाले इंदौर का भागीरथपुरा क्षेत्र इन दिनों मातम में डूबा है। पेयजल पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिलने से हुई त्रासदी ने अब तक कई परिवारों को उजाड़ दिया है। इस गंभीर संकट पर राजनीति तब गरमा गई जब मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक पत्रकार के तीखे सवालों पर अपना आपा खो बैठे और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर दिया।

- अस्पताल में भर्ती: कुल 212 लोग भर्ती कराए गए थे।
- वर्तमान स्थिति: 50 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है, जबकि 162 लोग अब भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान और ‘खेद’: त्रासदी के बीच सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब एनडीटीवी (NDTV) के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पीड़ित लोगों के इलाज के खर्च की वापसी और पानी की व्यवस्था पर सवाल किया। पत्रकार ने पूछा: “बहुत सारे लोगों को इलाज का पैसा वापस नहीं मिला है और पीने के पानी की ठीक से व्यवस्था नहीं है?” इस पर मंत्री विजयवर्गीय भड़क गए और बोले— “छोड़ो यार, तुम फोकट प्रश्न मत पूछो।” इसके बाद उन्होंने पत्रकार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
हालांकि, बयान पर चौतरफा घिरने और सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद मंत्री ने अपने शब्दों पर खेद जताया और सफाई दी कि वह तनावपूर्ण स्थिति के कारण आवेश में आ गए थे।
निशुल्क इलाज के वादे पर सवाल: सरकार ने ऐलान किया था कि सभी बीमारों का इलाज मुफ्त होगा और जो लोग निजी अस्पतालों में पैसा खर्च कर चुके हैं, उन्हें प्रतिपूर्ति (Reimbursement) दी जाएगी। लेकिन धरातल पर लोग अब भी पैसे वापसी के लिए भटक रहे हैं, जिसे लेकर क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है।











