ईरान संकट की गूँज लद्दाख के कारगिल में: हज़ारों ने किया आयतुल्लाह अली खामेनेई का समर्थन; फूँका ट्रंप और नेतन्याहू का पुतला

आदिल अहमद
डेस्क: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को कारगिल में शिया समुदाय के हजारों लोग ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के समर्थन में सड़कों पर उतरे और पश्चिमी देशों के हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

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पुतला दहन: आक्रोशित भीड़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के पुतले जलाकर अपना विरोध जताया।

कारगिल का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: बता दें कि कारगिल में शिया मुस्लिम समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है, जिनका ईरान के साथ गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। ईरान में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर कारगिल की सामाजिक और राजनीतिक चेतना पर पड़ता है।
वैश्विक संदर्भ: यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से हिंसक प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें लगभग 2,000 लोगों के मारे जाने की आशंका है। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों के बाद दुनिया भर के शिया समुदायों में अमेरिका के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।










