रायगढ़ में खौफनाक हिंसा: महिला पुलिसकर्मी के कपड़े फाड़े, लाठियों से पीटा; विराल वीडियो पोस्ट कर महिला कांग्रेस का भाजपा सरकार पर वार— “छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल”

ईदुल अमीन
रायगढ़ (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र इस वक्त भीषण तनाव और हिंसा की चपेट में है। गारे पेलमा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई के विरोध के दौरान भड़की हिंसा में न केवल महिला थाना प्रभारी की पिटाई की गई, बल्कि एक महिला सिपाही के साथ हुई बदसलूकी ने पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

“रायगढ़ में महिला सिपाही से बदसलूकी और उसके कपड़े फाड़ने का वीडियो बेहद भयावह है। जब वर्दी में महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों का क्या होगा? यह साफ है कि भाजपा सरकार महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है।”
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में महिला सिपाही से बदसलूकी और उसके कपड़े फाड़ने का वीडियो बेहद भयावह है।
जब महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं तो आम नागरिकों का क्या होगा?
साफ़ है कि डबल इंजन की भाजपा सरकार महिला सुरक्षा और क़ानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल है। pic.twitter.com/1D7LqxAJBm
— All India Mahila Congress (@MahilaCongress) January 2, 2026
घटना का मूल कारण और हिंसा की शुरुआत: तमनार क्षेत्र के 14 गांवों के ग्रामीण पिछले 21 दिनों से फर्जी जनसुनवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार को पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को हटाने के बाद एक सड़क हादसे में साइकिल सवार ग्रामीण घायल हो गया, जिससे गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया, गाड़ियों में आग लगाई और महिला अधिकारियों के साथ मारपीट की।
ग्रामीणों का दावा: “आंदोलन को बदनाम करने की साजिश” धरना दे रहे 14 गांवों के ग्रामीणों ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- हिंसा करने वाले ‘असामाजिक तत्व’ थे और उनका आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
- यह शांतिपूर्ण जनआंदोलन को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है।
- ग्रामीणों ने 2008 की गारे-खम्हरिया घटना की याद दिलाई, जहाँ कंपनी के गुंडों ने पथराव किया था। उनका आरोप है कि इस बार भी बाहरी तत्वों की घुसपैठ कराकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई है।
पुलिस एक्शन: दो गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का केस रायगढ़ पुलिस के अनुसार, महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर हत्या के प्रयास, लूट और शील भंग करने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। तनाव को देखते हुए गांव में बिजली काट दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात है।











