संभल में ‘न्यायिक फेरबदल’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: 48 घंटे में बदला गया CJM का नाम; जामा मस्जिद सर्वे का आदेश देने वाले जज की नियुक्ति रद्द

शफी उस्मानी
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चल रही कानूनी और प्रशासनिक हलचल के बीच एक बड़ा उलटफेर सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महज 48 घंटों के भीतर अपने ही प्रशासनिक आदेश में संशोधन करते हुए संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की नियुक्ति बदल दी है। अब कौशांबी के सीजेएम दीपक कुमार जयसवाल संभल की कमान संभालेंगे।

- विवाद की जड़: आदित्य सिंह वही जज हैं जिन्होंने 19 नवंबर 2024 को संभल की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश दिया था।
- इसी सर्वे के दूसरे दिन (24 नवंबर) संभल में भीषण हिंसा भड़की थी, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई थी। वकीलों और सामाजिक संगठनों का तर्क था कि उनकी नियुक्ति से निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।
नए आदेश में क्या बदला? गुरुवार (22 जनवरी) को जारी संशोधित आदेश के अनुसार:
- दीपक कुमार जयसवाल अब निवर्तमान सीजेएम विभांशु सुधीर की जगह लेंगे।
- आदित्य सिंह का सीजेएम के रूप में तबादला रद्द कर दिया गया है; वे अपने मूल पद (सिविल जज, सीनियर डिवीजन, संभल) पर ही बने रहेंगे।
- निवर्तमान सीजेएम विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर तबादला यथावत रहेगा।
विभांशु सुधीर और पुलिस पर FIR का मामला: निवर्तमान सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने 9 जनवरी को एक साहसिक आदेश में संभल हिंसा के दौरान घायल हुए आलम के पिता यामीन की अर्जी पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ अपील करने की बात कही है।
संभल हिंसा की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि 19 नवंबर 2024 को मस्जिद सर्वे की याचिका दायर हुई और उसी दिन रात के अंधेरे में पहला सर्वे कर लिया गया। 24 नवंबर को दूसरे सर्वे के दौरान विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस झड़प में हुई मौतों के बाद से संभल लगातार राष्ट्रीय सुर्खियों में है।











