ईरान पर ट्रंप का ‘ट्रिपल अटैक’: मिसाइल स्ट्राइक, साइबर वॉर और टैरिफ बम; क्या खाड़ी में छिड़ने वाला है महायुद्ध?

आदिल अहमद
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति को अब और भी आक्रामक कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि खुफिया और साइबर विकल्पों की भी जानकारी दी गई है। व्हाइट हाउस में आज (मंगलवार) राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है, जिसमें ईरान के खिलाफ अंतिम कार्रवाई पर मुहर लग सकती है।

- मिसाइल हमले: लंबी दूरी की मिसाइलों से ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना।
- साइबर ऑपरेशन: ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य संचार को ठप करने के लिए गुप्त डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल।
- मनोवैज्ञानिक अभियान: ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों को और हवा देने के लिए ‘साइकोलॉजिकल वॉरफेयर’।
दुनिया के लिए ‘टैरिफ बम’: ट्रंप ने केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान को घेरने का मन बना लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखेगा, उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ देना होगा। इस फैसले का सीधा असर भारत, चीन और तुर्की जैसे देशों पर पड़ेगा। ट्रंप ने इसे ‘अंतिम और निर्णायक’ आदेश बताया है।
ईरान का पलटवार: “हम युद्ध के लिए तैयार” ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका की धमकियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान कूटनीति के लिए खुला है, लेकिन वह किसी भी तरह के “युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार” है। अरागची ने चेतावनी दी कि ईरान की सैन्य क्षमता अब पहले से कहीं अधिक है और वह किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देगा।
ईरान में बढ़ता जन-आक्रोश: यह तनाव ऐसे समय में चरम पर है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 640 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रुकी, तो अमेरिका “बहुत मजबूत विकल्पों” का इस्तेमाल करेगा।









