बारामती विमान हादसा: “यह षडयंत्र है या हादसा?”— डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ जान गंवाने वाली पिंकी माली के पिता ने उठाई CBI जांच की मांग; रोहित पवार के दावों से मचा हड़कंप
बारामती विमान हादसे में नया मोड़! डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ जान गंवाने वाली अटेंडेंट पिंकी माली के पिता ने जताई साजिश की आशंका। रोहित पवार के प्रेजेंटेशन के बाद उठी CBI जांच की मांग। आखिर 28 जनवरी को क्या हुआ था? PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
मुंबई/बारामती: 28 जनवरी को हुए बारामती विमान हादसे की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब इस मामले में ‘साजिश’ (Conspiracy) के गंभीर आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति और जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र के दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार के साथ इस हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के पिता शिवकुमार माली ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा संदेह व्यक्त किया है।

“रोहित दादा पवार का प्रेजेंटेशन देखने के बाद हमारे मन में भी शंका आने लगी है। हम उनकी कुछ बातों से सहमत हैं। पूरा देश जानना चाहता है कि आखिर उस दिन क्या हुआ था? यह महज एक हादसा है या कोई गहरा षडयंत्र?”
जांच के लिए CBI या SIT की मांग भावुक पिता शिवकुमार माली ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र के इतने बड़े नेता और उनकी बेटी की मौत की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार चाहे CBI से जांच कराए, SIT का गठन करे या फिर न्यायिक जांच का आदेश दे, लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह हादसा था, तो विमान में ऐसी क्या तकनीकी कमी थी कि वह क्रैश हो गया?
रोहित पवार के ‘संदेह’ के घेरे में कौन? मंगलवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने सनसनीखेज दावे किए थे। उन्होंने कहा कि कई स्रोतों से जानकारी जुटाने के बाद उन्हें इस हादसे में साजिश नजर आती है। रोहित पवार के निशाने पर मुख्य रूप से तीन पक्ष हैं:
- एयरलाइन कंपनी वीएसआर (VSR): विमान का रखरखाव और संचालन।
- एरो (Aero) कंपनी: जो विमान की बुकिंग संभाल रही थी।
- पायलट सुमित कपूर: हादसे के समय कमान संभाल रहे कैप्टन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हादसे का फ्लैशबैक: 28 जनवरी की वो काली सुबह बता दें कि 28 जनवरी को हुए इस भीषण विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शाम्भवी पाठक, सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई थी। 10 फरवरी को रोहित पवार के बयानों के बाद अब महाराष्ट्र सरकार पर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का दबाव बढ़ गया है।










