इटावा में BLO की पिटाई पर कांग्रेस का बड़ा हमला! मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप। कांग्रेस ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर कहा— “बीजेपी नेता खुलेआम काट रहे मुस्लिमों के वोट, विरोध करने पर हो रही हिंसा।”

इटावा में BLO की पिटाई पर कांग्रेस का बड़ा हमला! मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर लगाया 'वोट चोरी' का आरोप। कांग्रेस ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर कहा— "बीजेपी नेता खुलेआम काट रहे मुस्लिमों के वोट, विरोध करने पर हो रही हिंसा।"

आदिल अहमद 

नई दिल्ली/इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बीएलओ (BLO) के साथ हुई मारपीट के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ के संगठित खेल का गंभीर आरोप लगाया है।

“मुसलमानों के वोट हटाओ”: कांग्रेस का सीधा आरोप इटावा में बीएलओ अश्विनी कुमार के साथ हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने लिखा कि बीजेपी नेता खुलेआम बीएलओ पर मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में कहा:

“बीजेपी नेताओं ने यूपी के एक बीएलओ से कहा— ‘वोटर लिस्ट से मुसलमानों के वोट हटाओ’। जब बीएलओ ने संवैधानिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। यह कोई पहली घटना नहीं है, नरेंद्र मोदी के आदेश पर बीजेपी नेता रोज ऐसी ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं।”

फॉर्म-7 और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल कांग्रेस ने केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग (ECI) को भी इस विवाद के केंद्र में रखा है। पार्टी का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में ‘फॉर्म-7’ का दुरुपयोग कर धड़ल्ले से लोगों के वोट काटे जा रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक:

  • इस खेल में बीजेपी नेता और चुनाव आयोग के अधिकारी आपस में मिले हुए हैं।
  • जो बीएलओ ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उन्हें पीटा जा रहा है या नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
  • नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग ने मिलकर देश के लोकतंत्र को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

इटावा की घटना ने दी हवा ज्ञात हो कि इटावा के चौबिया इलाके में बीएलओ अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया था कि एक बीजेपी पदाधिकारी ने उनसे अल्पसंख्यकों के वोट काटने को कहा और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट कर सरकारी दस्तावेज छीन लिए। अब कांग्रेस ने इस स्थानीय घटना को ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन का हिस्सा बना दिया है।

PNN24 न्यूज़ का विश्लेषण: इटावा से शुरू हुई यह चिंगारी अब दिल्ली तक पहुंच गई है। विपक्षी दल इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। जहाँ एक तरफ सरकार इसे प्रशासनिक प्रक्रिया (SIR) बता रही है, वहीं विपक्ष इसे विशेष समुदाय को मताधिकार से वंचित करने की साजिश करार दे रहा है।

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