बलिया: रिश्तों का कत्ल, कलयुग की क्रूर हकीकत

मो0 सलीम
बलिया। जनपद के दोकटी थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार कर दिया है। भगवानपुर गांव में एक बेटे ने अपने ही पिता की जीवनलीला समाप्त कर दी। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।
दोकटी थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में घरेलू विवाद या किसी अज्ञात आवेश के चलते मुकेश यादव नामक युवक ने अपने पिता लालजी यादव पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि लालजी यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जिस पिता ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी की सांसें छीनते हुए उस हाथ को जरा भी संकोच नहीं हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
- वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। त्वरित कार्रवाई करते हुए:
- पुलिस ने आरोपी बेटे मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है।
- शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- हत्या के पीछे के असली कारणों और विवाद की तह तक जाने के लिए जांच जारी है।
वाह रे कलयुग!
इस घटना को देखकर स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर एक ही बात गूँज रही है— “वाह रे कलयुग!”। वह युग जहाँ पिता-पुत्र का पवित्र रिश्ता भी अब सुरक्षित नहीं रहा। क्रोध, कुंठा और सहनशक्ति की कमी आज के युवाओं को इस कदर अंधा कर रही है कि वे अपनों के खून के प्यासे हो रहे हैं। एक विचार: यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक पतन का संकेत है। आखिर संस्कारों और धैर्य की कमी हमें किस मोड़ पर ले आई है?












