पुणे में सियासी संग्राम: ‘कांग्रेस भवन’ के बाहर भिड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता; जमकर चले पत्थर और बोतलें, पुलिस व पत्रकारों समेत 7 घायल

पुणे में रणक्षेत्र बना 'कांग्रेस भवन'! हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर भड़की बीजेपी और कांग्रेस के बीच पत्थरबाज़ी। पुलिसकर्मियों और पत्रकारों समेत 7 घायल। पुणे पुलिस ने शुरू की जांच।

आफताब फारुकी

पुणे: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे रविवार को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई। शहर के ‘कांग्रेस भवन’ के बाहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इस घटना में पुलिस कॉन्स्टेबलों और पत्रकारों सहित कुल 7 लोग घायल हुए हैं। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

विवाद की जड़: टीपू सुल्तान से तुलना पर बवाल हंगामा महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के उस कथित बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की थी। बीजेपी शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने इस बयान को महाराज का अपमान बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और रविवार को कांग्रेस भवन के बाहर आंदोलन का एलान किया था।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन जो हिंसा में बदल गया रविवार दोपहर बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस भवन के बाहर जुटे। चश्मदीदों के मुताबिक, शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता गेट की ओर बढ़े और नारेबाजी तेज कर दी। इसी बीच कथित तौर पर एक बोतल कांग्रेस भवन के अंदर फेंकी गई, जिसके जवाब में अंदर से चप्पलें और पत्थर चले। देखते ही देखते दोनों ओर से भारी पत्थरबाज़ी शुरू हो गई।

घायलों का ब्योरा और पुलिस की कार्रवाई जॉइंट कमिश्नर रंजनकुमार शर्मा के अनुसार, इस हिंसा में:

  • 2 पुलिस कॉन्स्टेबल घायल हुए।
  • 3 कांग्रेस और 2 बीजेपी कार्यकर्ता चोटिल हुए।
  • कवरेज कर रहे 2 पत्रकारों को भी चोटें आईं।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर बीजेपी शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाया ताकि बीजेपी की छवि खराब की जा सके।

वहीं, पुणे कांग्रेस शहर अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने पलटवार करते हुए कहा:

“नियमों के मुताबिक प्रदर्शन ऑफिस से 100 मीटर दूर होना था, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ता जबरन ऑफिस में घुस आए। उन्होंने पत्थरबाज़ी की और हमारी महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो हम पूरे पुणे को बंद कर देंगे।”

पुणे पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

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