वक्त की बेरहमी या कानूनी फंदा? तिहाड़ जेल पहुंचे राजपाल यादव के समर्थन में उमड़ा बॉलीवुड; सोनू सूद ने दिया ‘सम्मान’ तो तेज प्रताप ने की 11 लाख की मदद

नई दिल्ली: चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल पहुंचे राजपाल यादव। सोनू सूद ने फिल्म का साइनिंग अमाउंट देकर बढ़ाया हाथ, तो तेज प्रताप यादव ने की 11 लाख की मदद। 'लंगर' की तरह घर चलाने वाले अभिनेता के बुरे वक्त में एकजुट हुआ बॉलीवुड।

मो0 सलीम

नई दिल्ली: अपनी शानदार कॉमेडी से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले अभिनेता राजपाल यादव आज खुद एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने पिछले हफ्ते गुरुवार को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। जहां एक ओर अदालत ने उनके आचरण को ‘निंदनीय’ बताया, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनके संघर्ष और उनकी दरियादिली की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मदद के लिए आगे आए सोनू सूद और तेज प्रताप राजपाल यादव के आर्थिक संकट की खबरें बाहर आते ही फिल्म जगत और राजनीतिक गलियारों से मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं:

  • सोनू सूद: बॉलीवुड के ‘मसीहा’ कहे जाने वाले सोनू सूद ने राजपाल को अपनी अगली फिल्म का हिस्सा बनाया है। उन्होंने एक ‘साइनिंग अमाउंट’ देते हुए लिखा— “यह कोई दान नहीं, बल्कि सम्मान है। राजपाल एक प्रतिभाशाली अभिनेता हैं और वक़्त की बेरहमी की वजह से आज इस मोड़ पर हैं।”
  • तेज प्रताप यादव: जन शक्ति जनता दल के नेता और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए राजपाल के परिवार को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जेजेडी परिवार इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा है।
  • गुरमीत चौधरी: अभिनेता गुरमीत चौधरी ने भी फिल्म बिरादरी से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि जिसने हमें अनगिनत हंसी के पल दिए, आज उसे हमारी जरूरत है।

क्या है पूरा मामला? यह विवाद साल 2010 की फिल्म ‘अता-पता-लापता’ से शुरू हुआ था। राजपाल ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के कारण वे पैसा नहीं चुका पाए और उनके द्वारा दिए गए कई चेक बाउंस हो गए। 2018 में निचली अदालत ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि, उन्होंने कोर्ट में बार-बार पैसे चुकाने का आश्वासन दिया, लेकिन दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की समय सीमा बीत जाने के बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया।

नवाज़ुद्दीन ने याद किया ‘लंगर’ वाला घर इसी बीच नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया था कि जब राजपाल सफलता के शिखर पर थे, तब उनका घर संघर्ष करने वाले अभिनेताओं के लिए ‘लंगर’ की तरह था। कोई भी स्ट्रगलर वहां जाकर खाना खा सकता था। नवाज़ ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे पढ़े-लिखे और नेक दिल अभिनेताओं में से एक बताया।

शाहजहांपुर के पुवायां से निकलकर एनएसडी (NSD) तक का सफर तय करने वाले राजपाल यादव ने ‘भूलभुलैया’ और ‘हंगामा’ जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा को बहुत कुछ दिया है। कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन एक कलाकार का इस तरह आर्थिक और मानसिक रूप से टूट जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय है।

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