ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका: वैश्विक टैरिफ ‘अवैध’ घोषित; पर राष्ट्रपति ने फिर चली नई चाल, बोले— “भारत को देना ही होगा टैरिफ”

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध करार देकर बड़ा झटका दिया है। हालांकि, ट्रंप ने झुकने से इनकार करते हुए नया आदेश जारी किया है। भारत के साथ ट्रेड डील और पीएम मोदी पर ट्रंप ने क्या कहा, पढ़ें PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

तारिक खान 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘टैरिफ कूटनीति’ को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया है। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अध्यक्षता वाली बेंच ने 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया। हालांकि, ट्रंप ने इस हार को स्वीकार करने के बजाय तुरंत नए कानूनी प्रावधानों के तहत जवाबी हमला बोल दिया है।

अदालत का फैसला और रिफंड की उलझन सुप्रीम कोर्ट ने माना कि राष्ट्रपति के पास व्यापक स्तर पर टैरिफ लगाने की वह शक्तियां नहीं हैं जिनका उपयोग ट्रंप कर रहे थे। अदालत ने कहा कि आयात पर शुल्क लगाने की शक्ति मुख्य रूप से अमेरिकी कांग्रेस के पास है।

  • 170 अरब डॉलर का जोखिम: ब्लूमबर्ग के अनुसार, अगर कंपनियों को वसूला गया टैक्स वापस करना पड़ा, तो यह राशि 170 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। हालांकि, अदालत ने ‘रिफंड’ के मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है।

ट्रंप का पलटवार: “हम पीछे नहीं हटेंगे” सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि उन्होंने अन्य कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए नए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ‘सेक्शन 232’ (राष्ट्रीय सुरक्षा) और ‘ट्रेड एक्ट 1974’ के अन्य प्रावधानों के तहत टैरिफ जारी रहेंगे।

भारत और पीएम मोदी पर क्या बोले ट्रंप? ट्रेड डील के भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा:

“भारत के साथ हमारी ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे हैं, शानदार इंसान हैं, लेकिन भारत हमसे पहले बहुत ज्यादा चार्ज कर रहा था। अब हमने मामला पलट दिया है। अब भारत टैरिफ देगा, हम नहीं।”

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के नए आंकड़े ट्रंप के अनुसार, भारत के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान पर टैरिफ दर 50% से घटाकर 18% कर दी गई है। ट्रंप ने इसे एक ‘निष्पक्ष समझौता’ बताया। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लगाए जाने वाले 18% टैरिफ का पुख्ता कानूनी आधार अभी भी धुंधला है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। ट्रंप द्वारा ‘सेक्शन 122’ के तहत लगाए गए नए 10% टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए वैध होंगे। ऐसे में भारत जैसे देशों के लिए आने वाले तीन दिन और उसके बाद की कानूनी लड़ाई बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है।

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