नन्हे रोज़ेदारों का बुलंद हौसला: 6 साल के ज़ुहैब आज़मी और 9 साल की हया आज़मी ने रोज़ा रख कर साबित किया ‘इबादत के लिए उम्र नहीं, अकीदत और जज्बा ज़रूरी है’
वाराणसी: इबादत के महीने में मासूमों का जज्बा! वरिष्ठ पत्रकार तारिक आज़मी के 6 वर्षीय बेटे ज़ुहैब और 9 वर्षीय बेटी हया ने रखा अपना पहला रोज़ा। परिवार और चाहने वालों ने दी दुआएं।

मो0 सलीम
वाराणसी (PNN24 News): रमज़ान-उल-मुबारक का मुकद्दस महीना अपनी तमाम बरकतों और रहमतों के साथ जारी है। इस पाक महीने में जहाँ बड़े इबादत में मशगूल हैं, वहीं मासूम बच्चों में भी खुदा की राह में भूख और प्यास की शिद्दत बर्दाश्त करने का गजब का उत्साह देखा जा रहा है। इसी कड़ी में वाराणसी के वरिष्ठ और प्रख्यात पत्रकार तारिक आज़मी के घर खुशियों की दोहरी सौगात आई है।

वालिद का फख्र और दुआएं बच्चों के इस रूहानी सफर पर उनके वालिद तारिक आज़मी ने दिली मुबारकबाद पेश करते हुए कहा:
“सहरी के समय ही बच्चों के चेहरों पर रोज़ा रखने की खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों का दीन की राह पर चलना और सब्र का इम्तिहान देना उनकी जिंदगी की बड़ी कामयाबी है। मैं उनके बेहतर मुस्तकबिल के लिए दुआगो हूँ।”
शायर रिदा पलियावी ने दी मुबारकबाद मशहूर शायर रिदा पलियावी ने बच्चों को दुआओं से नवाजते हुए कहा कि इन मासूमों ने साबित कर दिया है कि रोज़ा रखने के लिए उम्र की नहीं, बल्कि हिम्मत और हौसले की ज़रूरत होती है। यह उन लोगों के लिए भी एक सबक है जो रोज़ा न रखने के बहाने तलाशते हैं।
इफ्तार पर दिखा जश्न का माहौल शाम को इफ्तार के वक्त घर का माहौल नूरानी हो गया। नन्हे रोज़ेदारों की हौसला अफजाई के लिए PNN24 न्यूज़ टीम के सदस्य फारूख हुसैन, शफी उस्मानी, मो. सलीम सहित तारिक खान, आदिल, उमेश, नीलोफर बानो और आफताब जैसे शुभचिंतकों ने बच्चों को खिराज-ए-तहसीन पेश किया और उनके नेक मुस्तकबिल की कामना की।











