‘बी.एल.डब्ल्यू. एकेडमी के नाम रही “अस्मिता रोल बॉल लीग” की ट्रॉफी: फाइनल में रोलिंग रेड को दी मात; बेटियों के शानदार प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ दो दिवसीय खेल महाकुंभ!’
वाराणसी: 'अस्मिता रोल बॉल लीग' के फाइनल में बी.एल.डब्ल्यू. रोल बॉल एकेडमी ने जमाया कब्जा। रोमांचक मुकाबले में रोलिंग रेड एकेडमी को 5-3 से हराकर जीता स्वर्ण पदक। खेलो इंडिया के तहत बेटियों ने स्केटिंग कोर्ट पर बिखेरा जलवा। PNN24 की विशेष समापन रिपोर्ट।

अनुपम राज
वाराणसी (PNN24 News): खेलो इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के तत्वावधान में आयोजित ‘वाराणसी अस्मिता रोल बॉल लीग’ का दो दिवसीय रोमांच आज नटीनियादाई स्थित ज्ञानदीप एकेडमी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन बी.एल.डब्ल्यू. (BLW) रोल बॉल एकेडमी ने अपने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए खिताबी जीत हासिल की।
1. सेमीफाइनल का रोमांच
समापन दिवस की शुरुआत बेहद कड़े मुकाबलों से हुई। पहले सेमीफाइनल में रोलिंग फाइटर एकेडमी ने सनबीम वरुणा को 3-2 के करीबी अंतर से हराकर फाइनल का टिकट पक्का किया।
2. फाइनल मुकाबला: बी.एल.डब्ल्यू. का दबदबा
खिताबी भिड़ंत बी.एल.डब्ल्यू. एकेडमी और रोलिंग रेड एकेडमी के बीच हुई। पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंततः बी.एल.डब्ल्यू. एकेडमी ने 5-3 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया।
- विजेता (स्वर्ण): बी.एल.डब्ल्यू. रोल बॉल एकेडमी
- उपविजेता (रजत): रोलिंग रेड एकेडमी
- तृतीय स्थान (कांस्य): सनबीम वरुणा
3. मुख्य अतिथि ने किया सम्मानित
समारोह की मुख्य अतिथि श्रीमती पूनम सिंह (प्रधानाचार्य, किड्स वैली) ने विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को पदक व ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हार-जीत से बड़ा खेल भावना और मैदान पर उतरने का साहस है।
4. निर्णायक और आयोजन समिति
प्रतियोगिता को सफल बनाने में अजय पटेल, मो. सईद, अंजलि गुप्ता, जैनब फातिमा, विनायक, तनिष्क और अभिषेक पटेल जैसे निर्णायकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन सचिव सुश्री सुनीता गुप्ता और आयोजन कमेटी (ममता मिश्रा, सुनीता तिवारी, विजया पाण्डेय, सरोज गौतम) ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
जब सुनीता गुप्ता जैसी जुझारू सचिव और ममता मिश्रा जैसी टीम पीछे खड़ी हो, तो आयोजन तो हिट होना ही था। अभिभावकों को भी सलाम है जो अपनी बच्चियों को मैदान तक लेकर आए। बस यही हौसला बना रहा, तो जल्द ही बनारस की कोई बिटिया इंटरनेशनल लेवल पर तिरंगा लहराएगी। काश! प्रशासन भी इन खेलों के लिए और अच्छे ग्राउंड बनवा दे, तो फिर सोने पर सुहागा हो जाए!












