‘तेल का भंडार फुल, लेकिन LPG पर पैनी नज़र’; पेट्रोलियम मंत्रालय की दोटूक— “अफ़वाहों पर न दें ध्यान, घबराकर न करें खरीदारी”

"पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफ़वाहों से बचें": पेट्रोलियम मंत्रालय ने जनता को किया आश्वस्त। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के बीच एलपीजी को लेकर 'चिंता' जाहिर, लेकिन 25,000 वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक। तमिलनाडु में नियम तोड़ने पर पेट्रोल पंप निलंबित।

आदिल अहमद

PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी महायुद्ध और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता के बीच, भारत सरकार ने देश की ऊर्जा स्थिति पर एक ‘इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफ़िंग’ आयोजित की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, हालांकि एलपीजी (LPG) की आपूर्ति एक “चिंता का विषय” बनी हुई है।

1. पेट्रोल-डीजल: “घबराने की ज़रूरत नहीं”

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

  • अपील: उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफ़वाहों के आधार पर ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) न करें।
  • कड़ी कार्रवाई: उन्होंने तमिलनाडु की एक घटना का ज़िक्र करते हुए बताया कि वहाँ एक पंप पर खुले डिब्बों (Loose Containers) में पेट्रोल दिया जा रहा था, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इस लापरवाही के लिए उस पेट्रोल पंप को सस्पेंड कर दिया गया है।

2. LPG: होर्मुज़ का संकट और सरकारी तैयारी

संयुक्त सचिव ने स्वीकार किया कि एलपीजी को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि भारत के कुल गैस आयात का एक बड़ा हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ से आता है।

  • चिंता का कारण: इस समुद्री रास्ते की बंदी ने सप्लाई चैन को प्रभावित किया है।
  • राहत की बात: इसके बावजूद, देश भर के 25,000 वितरकों में से कहीं भी स्टॉक खत्म (Dry-out) होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं (उत्पादन में 30% तक की वृद्धि दर्ज की गई है)।

3. घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान स्थिति में:

  • घरेलू LPG: आम नागरिकों की रसोई के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • कमर्शियल LPG: होटलों और उद्योगों के बजाय अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • विकल्प: मंत्रालय ने उन उपभोक्ताओं से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर शिफ्ट होने का आग्रह किया है जहाँ यह सुविधा उपलब्ध है, ताकि सिलेंडर पर दबाव कम हो सके।

4. पैनिक बुकिंग पर लगाम

आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद पैनिक बुकिंग के कारण एलपीजी बुकिंग की संख्या 55 लाख से बढ़कर 75.7 लाख पहुंच गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल घबराहट के कारण है, न कि वास्तविक कमी के कारण। सामान्य डिलीवरी साइकिल अभी भी 2.5 दिन की बनी हुई है।


📊 ऊर्जा सुरक्षा का ‘चेक-लिस्ट’ (13 मार्च 2026)

श्रेणी स्थिति सरकारी कदम
पेट्रोल/डीजल पर्याप्त (Sufficient) 1 लाख आउटलेट्स पर कड़ी निगरानी
घरेलू LPG चिंताजनक लेकिन स्थिर घरेलू उत्पादन में 30% की वृद्धि
कच्चा तेल सुरक्षित (Diversified) 70% आयात अब ‘गैर-होर्मुज़’ रास्तों से
PNG/CNG सामान्य बिना किसी कटौती के निरंतर सप्लाई

📌 हमारी सलाह:

सुरक्षित रहें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। खुले कंटेनर में पेट्रोल या डीजल रखना न केवल अवैध है, बल्कि यह आपके और आपके परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

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