‘अस्तित्व की जंग’: मध्य-पूर्व की सबसे बड़ी मिसाइल शक्ति है ईरान; भूमिगत ‘मिसाइल शहरों’ और कामिकेज़ ड्रोनों से अमेरिका-इज़राइल को घेरने का मास्टरप्लान
ईरान की 'मिसाइल शक्ति' बनाम अमेरिका-इज़राइल गठबंधन। क्या यह मध्य-पूर्व का सबसे बड़ा युद्ध है? जानिए ईरान के उन घातक हथियारों के बारे में जो इज़राइल से लेकर खाड़ी देशों तक तबाही मचा सकते हैं।

शफी उस्मानी
PNN24 News: शनिवार को आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शहादत ने ईरान के लिए युद्ध की परिभाषा बदल दी है। अब यह केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि इस्लामी गणराज्य के ‘अस्तित्व की लड़ाई’ बन गया है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने दशकों से अपनी वायुसेना के पुराने विमानों की कमी को अपनी मिसाइल शक्ति से पूरा किया है, जो अब इज़राइल और क्षेत्र के अमेरिकी ठिकानों के लिए काल बन रही है।
1. मारक क्षमता का त्रिस्तरीय कवच
ईरान के पास मध्य-पूर्व का सबसे विविध मिसाइल जखीरा है, जिसे तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
- कम दूरी की मिसाइलें (150-800 किमी): फतेह, ज़ोल्फ़ाघर और क़ियाम-1 जैसी मिसाइलें ‘पहले वार’ के लिए तैयार की गई हैं। इनका उपयोग खाड़ी देशों (UAE, बहरीन, कुवैत) में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। 2020 में ऐन अल-असद बेस पर हुए हमले ने इनकी सटीकता साबित की थी।
- मध्यम दूरी की मिसाइलें (1500-2500 किमी): शाहब-3, सेज्जिल और खोर्रमशहर मिसाइलें पूरे इज़राइल को अपनी जद में लेती हैं। ‘सेज्जिल’ विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह ठोस ईंधन पर चलती है, जिसे मिनटों में लॉन्च किया जा सकता है।
- क्रूज़ मिसाइलें और ड्रोन: सौमार और पावेह जैसी क्रूज़ मिसाइलें ज़मीन से सटकर उड़ती हैं, जिससे रडार को चकमा देना आसान होता है। साथ ही, ईरानी ड्रोनों का ‘स्वार्म’ (झुंड) वायु रक्षा प्रणालियों को ओवरलोड करने में सक्षम है।
2. ‘मिसाइल सिटीज’: ज़मीन के नीचे छिपा मौत का जाल
ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसके भूमिगत मिसाइल शहर हैं। पहाड़ों के नीचे बनी हज़ारों सुरंगों में मिसाइलें और लॉन्च पैड सुरक्षित रखे गए हैं।
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रणनीति: यदि इज़राइल और अमेरिका ईरान के मुख्य सैन्य ठिकानों को नष्ट भी कर देते हैं, तो भी ये भूमिगत ठिकाने हफ़्तों तक जवाबी गोलाबारी जारी रखने की क्षमता रखते हैं।
3. होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक अर्थव्यवस्था की ‘गर्दन’
ईरान केवल ज़मीन पर नहीं, बल्कि समुद्र में भी दबाव बना रहा है।
- नौसैनिक घेराबंदी: आईआरजीसी (IRGC) ने हाइपरसोनिक प्रणालियों और तीव्र-हमला नौकाओं के ज़रिए होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े 3 टैंकरों को निशाना बनाया है।
- माएर्स्क का निलंबन: सुरक्षा जोखिमों के कारण दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी माएर्स्क ने इस रास्ते से आवाजाही बंद कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार ठप होने की कगार पर है।
4. ‘सीमित युद्ध’ की संभावना खत्म
ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई ‘लिमिटेड वॉर’ नहीं होगा। ख़ामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह और यमन के हुती विद्रोहियों के साथ मिलकर एक ‘व्यापक अभियान’ (Broad Campaign) छेड़ दिया है। इसका उद्देश्य अमेरिका को क्षेत्र से बाहर निकालना और इज़राइल की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ना है।
📊 ईरान की मिसाइल शक्ति: एक नज़र में
| मिसाइल प्रकार | मारक क्षमता (किमी) | मुख्य लक्ष्य |
| कम दूरी (SRBM) | 150 – 800 | खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकाने |
| मध्यम दूरी (MRBM) | 1,500 – 2,500 | पूरा इज़राइल और डिएगो गार्सिया |
| क्रूज़ मिसाइल | 2,500 (सौमार) | रडार और ऊर्जा बुनियादी ढांचा |
| हाइपरसोनिक | अज्ञात (फत्ताह) | विमान वाहक पोत (Claimed) |













