‘कयामत का रविवार’: ईरानी मिसाइलों से दहले दुबई, दोहा और मनामा; जेबेल अली बंदरगाह पर उठा धुएं का गुबार, खाड़ी देशों में ‘शांति के युग’ का अंत!
खाड़ी के 'शांति के गढ़' में कयामत का रविवार! दुबई, दोहा और मनामा में लगातार दूसरे दिन भीषण धमाके। जेबेल अली बंदरगाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर तबाही। 200 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन से ईरान का प्रचंड प्रहार।

तारिक खान
PNN24 News): मध्य पूर्व (Middle East), जिसे कभी दुनिया की सुरक्षा और विलासिता का केंद्र माना जाता था, अब भीषण युद्ध की लपटों में जल रहा है। अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई की शहादत का बदला लेने के लिए ईरान ने रविवार सुबह लगातार दूसरे दिन खाड़ी के प्रमुख देशों पर मिसाइलों की बारिश कर दी है। दुबई, मनामा और दोहा जैसे शहर, जो कभी अपनी शांति के लिए जाने जाते थे, अब धमाकों की गूंज और काले धुएं से ढके हुए हैं।

- जेबेल अली बंदरगाह: मध्य पूर्व के इस सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह के ऊपर काले धुएं के विशाल गुबार देखे गए हैं।
- बुर्ज अल-अरब और पाम जुमेराह: शनिवार को हुए 137 मिसाइल और 209 ड्रोन हमलों की आग रविवार को भी शांत नहीं हुई। इन प्रसिद्ध स्थलों के पास अभी भी आग और धुएं का तांडव जारी है।
- अबू धाबी एयरपोर्ट: यहाँ हुए हमले में 1 व्यक्ति की मौत और 7 के घायल होने की पुष्टि हुई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दुनिया का सबसे व्यस्त दुबई एयरपोर्ट अभी भी ठप पड़ा है।
दोहा और मनामा: आसमान में मिसाइल इंटरसेप्शन
- दोहा (कतर): प्रत्यक्षदर्शियों ने शहर के दक्षिणी हिस्से में कई तेज धमाके सुने। कतर सरकार के अनुसार, ईरान ने अब तक 65 मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे हैं, जिनमें 16 लोग घायल हुए हैं।
- मनामा (बहरीन): यहाँ कम से कम चार बड़े धमाकों की सूचना है। अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय होने के कारण मनामा ईरान के प्राथमिक निशाने पर है।
ओमान को छोड़कर पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की ज़द में दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने केवल ओमान को इन हमलों से दूर रखा है, क्योंकि ओमान अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। इसके अलावा जॉर्डन, कुवैत और उत्तरी इराक (एरबिल) में भी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने के लिए सायरन बज रहे हैं।
हजारों अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा दांव पर ये अरब देश सामूहिक रूप से हजारों अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करते हैं। ट्रंप और नेतन्याहू द्वारा खामनेई को निशाना बनाए जाने के बाद, ईरान ने अब इन देशों की संप्रभुता और वहां मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को सीधी चुनौती दी है। एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त होने से इराकी कुर्द क्षेत्र में भी भारी तनाव है।
खाड़ी देशों ने दशकों से जिस सुरक्षा कवच का निर्माण किया था, वह ईरान की ‘बदले की आग’ में पिघलता नजर आ रहा है। जेबेल अली जैसे बंदरगाह पर हमले का मतलब है वैश्विक सप्लाई चेन का पूरी तरह ध्वस्त होना। यह अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, बल्कि एक वैश्विक आर्थिक आपदा की शुरुआत है।










