‘ईरान की मिसाइलों ने इज़राइल में बरपाया कहर: खंडहर बना तेल अवीव, परमाणु केंद्र डिमोना पर सीधा प्रहार’; ईद की खुशियों के बीच ‘आतिशबाजी’ ने तोड़ा नेतान्याहू का गुरूर

विशेष रिपोर्ट: ईद पर ईरान का इज़राइल पर मिसाइल कोहराम। तेल अवीव खंडहर में तब्दील, अरद और डिमोना के परमाणु ठिकानों पर सीधा हमला। इज़राइल का एयर डिफेंस फेल, नेतन्याहू की कुर्सी खतरे में। PNN24 की बेबाक रिपोर्ट।

तारिक आज़मी 

PNN24 News: कल जब पूरी दुनिया ईद की खुशियों में मसरूफ थी, तब ईरान ने इज़राइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में मिसाइलों की ऐसी झड़ी लगाई कि इज़राइल का ‘अजेय’ माना जाने वाला एयर डिफेंस सिस्टम (Iron Dome) ताश के पत्तों की तरह ढह गया। गज़ा में मासूमों के कत्ल और ईरान के स्कूलों पर हुए हमलों का हिसाब चुकता करने के लिए तेहरान ने इस बार सीधे इज़राइल के सामरिक और परमाणु ठिकानों को अपना निशाना बनाया है।

1. डिमोना और अरद: परमाणु केंद्रों पर सीधा हमला

ईरान ने इस बार इज़राइल के उन शहरों को निशाना बनाया है जिन्हें अब तक ‘नो-गो ज़ोन’ माना जाता था।

  • डिमोना (Dimona): इज़राइल के परमाणु हथियार भंडार के केंद्र माने जाने वाले डिमोना में एक इमारत पर ‘सीधा मिसाइल हमला’ हुआ। इज़राइली सेना ने खुद इसकी पुष्टि की है।
  • अरद (Arad): यहाँ हुई तबाही के बाद 88 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 10 की हालत नाजुक है। वायरल वीडियो में रिहायशी इमारतों के पास बड़े-बड़े गड्ढे और मलबे का ढेर साफ़ देखा जा सकता है।
  • जनहानि: इन हमलों में एक 10 साल का बच्चा भी छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है।

2. फेल हुआ एयर डिफेंस, दहशत में इज़राइल

इज़राइल और अमेरिका का वह दंभ कि उनकी तकनीक रडार से बच सकती है या मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकती है, कल पूरी तरह हवा हो गया। ईरानी मिसाइलों ने इज़राइली सुरक्षा चक्र को भेदकर रिहायशी और सैन्य ठिकानों पर तबाही मचाई। अब इज़राइल की जनता शेल्टरों में छिपने को मजबूर है और सड़कों पर नेतान्याहू सरकार के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।

3. ट्रंप और नेतान्याहू की ‘सनक’ पड़ी भारी

अपनी कुर्सी और भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए युद्ध को खींचने वाले बेंजामिन नेतान्याहू के लिए अब खतरे की घंटी बज चुकी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अब पल-पल अपना रुख बदलते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकन बमवर्षक विमान, जो रडार से बचने का दावा करते थे, आज ईरान द्वारा ‘खिलौने’ की तरह तोड़े जा रहे हैं।

4. नतांज का बदला और खाड़ी देशों में खौफ

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ़ किया है कि यह हमला उनके नतांज परमाणु केंद्र पर हुए इज़राइली हमले का करारा जवाब है।

  • क्षेत्रीय प्रभाव: ईरान ने केवल इज़राइल ही नहीं, बल्कि कुवैत और यूएई (UAE) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाकर यह ज़ाहिर कर दिया है कि खाड़ी देशों में अब अमेरिका का दबदबा खत्म हो चुका है।


📊 युद्ध की भयावहता: एक नज़र में (Strike Report)

प्रभावित शहर हताहत/घायल मुख्य निशाना स्थिति
तेल अवीव सैकड़ों घायल रिहायशी व वित्तीय इमारतें खंडहर जैसी स्थिति
अरद 88 घायल (10 गंभीर) बुनियादी ढांचा भारी तबाही
डिमोना 33 घायल परमाणु हथियार केंद्र सीधा मिसाइल हमला
कुवैत/UAE अमेरिकी सैन्य ठिकाने आंशिक नुकसान

📌 गज़ा में इंसानी तबाही और यतीम बच्चों की आहों पर जश्न मनाने वाले आज खुद विधवा विलाप कर रहे हैं। ईरान ने इज़राइल को साफ़ संदेश दे दिया है कि अब युद्ध केवल दूसरों की ज़मीन पर नहीं, बल्कि इज़राइल की अपनी गलियों में भी लड़ा जाएगा। परमाणु दुर्घटना का खतरा अब पूरी दुनिया के सामने है, लेकिन इसके लिए ज़िम्मेदार वे शक्तियाँ हैं जिन्होंने अपनी सनक के लिए मध्य-पूर्व को बारूद के ढेर पर बिठा दिया।

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