‘प्रधानमंत्री मौन हैं, विदेश मंत्री मौन हैं’; जयराम रमेश का तीखा हमला— “ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले और खामेनेई की मौत पर क्यों चुप है भारत?”
"इतनी हिचकिचाहट क्यों?": जयराम रमेश ने पीएम मोदी की 'चुप्पी' पर उठाए सवाल। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या पर भारत के मौन को कांग्रेस ने बताया 'समझौतावादी विदेश नीति'। ब्रिक्स की अध्यक्षता और रईसी के दौर की याद दिलाकर साधा निशाना।

फारुख हुसैन
नई दिल्ली (PNN24 News): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी महायुद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कड़े प्रहार किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या और ईरान पर हो रहे हमलों को लेकर “रहस्यमयी चुप्पी” साधे हुए है।
1. आयतुल्लाह खामेनेई की मौत और भारत का रुख
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की ओर से आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या कर दी गई, लेकिन भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- संसद में शोक का अभाव: रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री दोनों मौन हैं। संसद में अभी तक उनके लिए कोई शोक-संदेश तक नहीं पढ़ा गया है।”
- चयनात्मक निंदा: उन्होंने आरोप लगाया कि भारत खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की तो निंदा कर रहा है (जो सही है), लेकिन वह ईरान पर हो रहे हमलों को लेकर पूरी तरह चुप है।
2. ‘ब्रिक्स+’ और कूटनीतिक दबाव
जयराम रमेश ने भारत की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए कहा:
- BRICS अध्यक्षता: “भारत इस साल ब्रिक्स (BRICS) प्लस की अध्यक्षता कर रहा है और ईरान इस समूह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में एक सदस्य देश के राष्ट्राध्यक्ष की मृत्यु पर चुप्पी समझ से परे है।”
- पुराना उदाहरण: उन्होंने 2024 का उदाहरण देते हुए बताया कि जब राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हुई थी, तब मोदी सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था और संसद में शोक संदेश भी पढ़ा गया था।
3. ‘मित्रों’ को नाराज़ न करने की मजबूरी?
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह चुप्पी एक ‘समझौते’ का परिणाम है।
- आरोप: “समझौता कर चुके प्रधानमंत्री निस्संदेह अपने अमेरिका और इसराइली ‘मित्रों’ को नाराज़ नहीं करना चाहते।”
- स्वतंत्र विदेश नीति: विपक्ष का तर्क है कि भारत अपनी ऐतिहासिक ‘गुटनिरपेक्षता’ और स्वतंत्र विदेश नीति से भटककर एकतरफा रुख अपना रहा है।
4. सरकार की स्थिति
हालांकि सरकार की ओर से अब तक जयराम रमेश के इन आरोपों पर कोई जवाबी बयान नहीं आया है, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि भारत इस वक्त ‘वेट एंड वॉच’ (Wait and Watch) की नीति अपना रहा है, ताकि क्षेत्र में फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऊर्जा संकट को और बढ़ने से रोका जा सके।
📊 तुलना: 2024 (रईसी) बनाम 2026 (खामेनेई)
| विवरण | राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (2024) | आयतुल्लाह खामेनेई (2026) |
| मौत का कारण | हेलीकॉप्टर क्रैश (संदेहास्पद) | हवाई हमला (अमेरिका-इज़राइल) |
| भारत सरकार की प्रतिक्रिया | एक दिन का राष्ट्रीय शोक | अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं |
| संसदीय प्रक्रिया | 1 जुलाई 2024 को शोक संदेश | कोई शोक संदेश नहीं पढ़ा गया |
| विपक्ष का दावा | “सार्थक कूटनीति” | “समझौतावादी चुप्पी” |










